हाल ही में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के किसानों की कर्ज माफी का ऐलान किया था। जिसके बाद उन्होंने किसानों को कर्जमाफी के सर्टिफिकेट भी बांटे थे। किसान ऋण मोचन योजना या किसान फसल ऋण मोचन योजना के तहत प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ किये जाने थे। जिसका ऐलान प्रदेश की सरकार ने पहले ही कर दिया था।लेकिन सरकार ने जिन किसानों को कर्जमाफी के सर्टिफिकेट दिये थे उनमें आठ सौ से अधिक ऐसे किसान हैं जिनके 9 पैसे तो किसी के 10 पैसे और किसी के दस रूपये कर्ज माफ किये गये। आठ सौ से अधिक ऐसे किसान हैं जिनकी कर्जमाफी की कुल रकम मिलाकर पांच सौ रुपए के आसपास है।
रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में ऐसे किसानों की संख्या बहुत है जिनके नौ पैसे से लेकर 377 रुपए तक के कर्ज सरकार ने माफ किये।
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार की किसानों की कर्जमाफी एक तरह से किसानों की गरीबी का मजाक उड़ाने जैसा है।
वहीं जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने एक इंटरव्यू में कहा है कि ' ऋण मोचन योजना के प्रथम चरण में 22156 किसानों का कर्ज माफ हुआ है। लघु और सीमांत किसानों के एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ होना था। कुछ किसान ऐसे भी हैं जिनके 9 पैसे, 84 पैसे, 2 रुपये और तीन रुपये का कर्ज माफ किया गया है'। दूसरे चरण के लिए एक 70 हजार किसानों का सत्यापन का काम चल रहा है। सत्यापन के बाद किसानों की सूची शासन को भेज दी जाएगी।


0 Comments