स्वाइन फ्लू घातक वायरस है, जो सुअरों से फैलता है। सबसे पहले इस बीमारी के लक्षण मैक्सिको के वेराक्रूज इलाके के एक पिग फॉर्म के आसपास रह रहे लोगों में पाए गए थे। स्वाइन फ्लू दरअसल सुअरों के बुखार को कहते हैं। यह उनकी सांस से जुड़ी बीमारी है। यह बीमारी जुकाम से जुड़े एक वायरस से पैदा होती है। ये वायरस मोटे तौर पर चार तरह के होते हैं। H1N1, H1N2, H3N2 और H3N1। इनमें H1N1 सबसे खतरनाक है और दुनिया भर में यही वायरस सबको अपनी चपेट में ले रहा है।
क्या हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण?
- सर्दी, सर दर्द, जुकाम नाक बहना
- तेज बुखार
- खांसी, गले में खराश
- भूख ना लगना
- बदन दर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द
- उल्टी आना, या उल्टी जैसी तबियत होना
- पेट खराब होना, दस्त आना
- बदन में सुस्ती
अगर यह लक्षण आपको मिलते हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
कैसे करें बचाव?
- भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
- सफर करने से परहेज करें।
- आसपास सफाई का ध्यान रखें।
- समय समय पर हाथ धोएं।
- बाहर जाने के लिए मास्क का प्रयोग करें।
- ऐसे व्यक्ति से मिलने, हाथ मिलाने गले लगने से बचें जिसे सर्दी या खांसी हो क्योंकि यह बिमारी छींकने और खांसने से दूसरों तक पहुंचती है।
- पानी पीने में सुस्ती ना करें और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
- पर्याप्त आराम जरूर करें।
- सर्दी बुखार कम ना होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
शुरूआती अवस्था में ही यह बिमारी पकड़ में आ जाए तो इसका इलाज संभव है अन्यथा देर हो जाने के कारण पीड़ित की मौत भी हो सकती है। इसलिए जैसे ही हमें इसके लक्षण मिलें फौरन डॉक्टर को दिखाएं जिससे समय रहते इसका इलाज हो सके।


0 Comments