भारत में अंधभक्ति का दौर दौरा अंधभक्ति पहुंच रही है अपनी चरम सीमा पर

भारत में आजकल भक्ति का दौर चला है चाहे भक्ति किसी राजनीतिक नेता की हो या किसी बाबा की दोनों ही अपनी चरम सीमा पर हैं। और यही कारण है कि भारतवासियों को आए दिन नई-नई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं अगर कोई राजनेता कोई गलत काम करता है या उसके किसी गलत फैसले से या उसकी नीतियों से लोगों को कठिनाईयां आती हैं तो हैं लोग अपनी परेशानियां व्यक्त करते हैं तो भक्त आगे आजातें हैं और उस राजनेता के समर्थन में खड़े हो जाते हैं और जरूरत पड़ने पर हिंसा भी करने लगते हैं। और इससे उस राजनेता के हौसले बुलंद हो जातें हैं और उसे मन मानी करने की खुली छूट मिल जाती है। और वही हाल किसी बाबा की भक्ति का भी है। अभी हाल ही में स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने बाबा गुरमीत राम रहीम कौर को दोषी करार दे दिया है जिसके बाद से बाबा के भक्त लोग सड़कों पर उतर आए हैं। बाबा राम रहीम जो डेरा सच्चा सौदा समूह के प्रमुख हैं और उन पर यौन शोषण और बलात्कार का इल्जाम था। 2002 से उनके उपर यह मामले दर्ज थे और अदालत में केस चल रहा था जिस पर सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने हाल ही में उनको दोषी करार दे दिया है। जिसके बाद से बाबा के भक्तों की हिंसा जारी है। बाबा के भक्तों की हिंसा रोकने के लिए सभी प्रकार के फोर्स तैनात कर दी गई है। भक्तों की हिंसा ने 36 लोगों की जान ले ली और 269 लोगों को घायल कर दिया है। बसें जला दी गईं हैं और बहुत सी सरकारी संपत्तियों को बर्बाद किया है। इधर भक्त हिंसा में जुटे हैं उधर साक्षी महाराज न्यायालय के फैसले से नाराज हैं उनका कहना है कि न्यायालय ने भक्तों की नहीं सुनी और एक चिट्ठी के आधार पर फैसला सुना दिया। साक्षी महाराज को शायद यह नहीं मालूम कि न्यायालय अपना काम अच्छी तरह से जानती है और न्यायालय को किसी महाराज से सीखने की आवश्यकता नहीं है और नहीं भक्तों की सुन कर फैसला सुनाने की नहीं तो सारे फैसले महाराज और भक्त ही करने लगेंगे और इसी तरह सारे बलात्कारी बाहर आजाद घूमेंगे। साक्षी महाराज अपना यह बयान देने से पहले यह भूल गए कि तीन तलाक पर आने वाले को लेकर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा था कि तीन तलाक के इस फैसले का सबको स्वागत करना चाहिए और जो नहीं करेगा वह देश द्रोही है उससे वोट देने का अधिकार छीन लेना चाहिए। बहरहाल तीन तलाक तो गलत पहले भी था लेकिन अभी जो मालेगांव बम धमाके के मामले में फंसे कर्नल पुरोहित को न्यायालय ने जमानत दी है उस पर अगर कोई व्यक्ति नाराजगी जाहिर करता तो तुरंत साक्षी महाराज जी उसे देश द्रोही साबित कर डालते। बहरहाल इस प्रकार की भक्ति भारत से खत्म होनी चाहिए नहीं तो ऐसी भक्ति पूरे देश को खत्म कर देगी। किसी महान व्यक्ति ने कहा था कि " जब किसी राष्ट्र को तबाह करना हो तो उसके युवा शक्ति को हिंसक और विवेक को शुन्य बनाना पड़ता है"।

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