जिस प्रकार से 'सबका साथ सबका विकास' का नारा दे कर भाजपा सत्ता में आई है उससे तो यही लगा है कि देश की तकदीर बदल जाएगी और देश विकास की राह की ओर निकल पड़ेगा। लेकिन जिस प्रकार के वादे और दावे सत्ता में आने के पहले किए गए थे उसके बिल्कुल उल्टा होते नजर आ रहा है। भ्रष्टाचार खत्म करने की बात की गयी लेकिन नोट बनाते भाजपा वाले पकडे़ गए। काला धन सौ दिनों में विदेशी बैंकों से लाने का दावा किया गया लेकिन अभी तक सौ दिन नहीं हुए। महंगाई कम करने की बात की गई लेकिन इतिहास गवाह है कि इससे ज्यादा महंगाई परेशान जनता कभी नहीं हुई इससे पहले कभी इतने विरोध, प्रदर्शन, हड़ताल व्यापारियों ने नहीं किए। यह अलग बात है कि कुछ लोग इन व्यापारियों को चोर बेईमान बनाने में लग जाएं। जैसे इससे पहले पूरी भारत की जनता को नोटबंदी करके बनाया गया था। भाजपा ने रोजगार पैदा करने की बात कही लेकिन अभी भी हमारे देशवासी रोजगार के लिए भटक रहे हैं या देश में या विदेश में। स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही गई जो आज आपके सामने है। ऐसे सारे वादे और दावे धरे के धरे रह गए हैं। लेकिन कुछ लोग कहते हैं कि यह सब होना इतना आसान नहीं है इसमें समय लगेगा अगर समय की बात है तो कांग्रेस में क्या बुराई थी? जबकि प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि कांग्रेस 60 साल शासन किया लेकिन कुछ नहीं किया पता नहीं प्रधानमंत्री जी को यह हक किसने दिया क्योंकि समय की बात तो खुद इन्हीं के लोग कर रहे हैं। और हमें किस बात का गर्व होना चाहिए मोदी जी को काम करने में समय लगेगा और कांग्रेस ने कुछ किया नहीं। भाजपा ने देश के विकास के लिए कुछ खास मुद्दे भी उठाए जैसे राम मंदिर, गाय, श्मशान कब्रिस्तान तीन तलाक, घर वापसी, लव जिहाद इन्हीं मुद्दों से भाजपा स्मार्ट सिटी बनाने की सोच रही है।
विकास के चक्कर में मिट सकती है भारत की संस्कृति
यूपी के मुख्यमंत्री का कहना है कि "हमारी पहचान केवल ताज महल से नहीं हो सकती हमारी पहचान रामायण से हो सकती है, इस भारत की पहचान वेदों से हो सकती है, इस भारत की पहचान भगवत गीता से हो सकती है, इस भारत की पहचान पुराणों से हो सकती है उसके अलावा विभिन्न प्रकार की उपासना विधियों से हो सकती है। इनका मानना है कि यही हमारी असली पहचान है जो हमें दुनिया के सामने पेश करना चाहिए तभी भारत, भारत हो सकता है। योगी जी के इन विचारों से पता चलता है कि भारत की पहचान स्मार्ट सिटीज से नहीं होनी चाहिए जैसे आज जापान की पहचान बुलेट-ट्रेन से है इस तरह भारत की पहचान विकास से जुड़ ही नहीं सकती क्योंकि अगर विकास से हमारी पहचान होती है तो इससे हमारी संस्कृति मिट जाएगी इसलिए भाजपा शासन कभी नहीं चाहेगा कि भारत विकसित हो भारत बस मंदिर मस्जिद गाय में उलझा रहे।

0 Comments