स्वाईन फ्लू होने पर कैसे होगा इसका इलाज?

यह तो सभी को पता है कि स्वाईन फ्लू कितना जानलेवा और खतरनाक है स्वाईन फ्लू के कारण भारत में इस साल एक हजार से अधिक मौतें स्वाईन फ्लू के कारण हुई हैं। स्वाईन फ्लू ने लोगों के अन्दर डर और दहशत फैला रखी है। बहुत से लोग तो स्वाईन फ्लू के बुखार को मामूली बुखार समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं जो बाद में उनके लिए खतरनाक साबित होता है। बहरहाल मामूली बुखार और स्वाईन के अपने अपने लक्षण हैं जिन पर ध्यान देना अत्यधिक जरूरी है। यहां हम आपको बताएंगे कि स्वाईन फ्लू होने पर कैसे इसका इलाज करें।सबसे पहले इस बात पर ध्यान दें कि मौसमी फ्लू का इलाज करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ एंटीवायरल दवाएं H1N1 स्वाईन फ्लू में भी काम करती हैं। Oseltamivir (Tamiflue) Peramivir (Rapivab) और Zanamivir (Relenza) भी अच्छा काम करती हैं। हालांकि कुछ प्रकार के स्वाईन फ्लू पर Oseltamivir काम नहीं करती। यह दवाएं आपको जल्दी ठीक होने में सहायता करेंगी और आपको राहत भी देंगी। अगर आप इनको पहले फ्लू के लक्षणों के दौरान 48 घंटे के भीतर लेते हैं तो सबसे ज्यादा असरदार होंगी। लेकिन अगर आप 48 घंटे के बाद भी लेते हैं तो भी यह सहायक होंगी।

एंटीबायोटिक्स होंगी बेअसर

स्वाईन फ्लू होने पर एंटीबायोटिक्स आप पर कोई असर नहीं करेंगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि फ्लू वायरस के कारण होता है जीवाणु (Bacteria) के कारण नहीं।
बहुत ज्यादा दर्द और सर्दी एवं बुखार की दवाएं भी दर्द और बुखार से राहत दिलाने में सहायता कर सकतीं हैं। Reye's Syndrome के जोखिम के कारण 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को Aspirin ना दें। बच्चों को सर्दी वाली दवाएं देने से यह सुनिश्चित कर लें कि उसमें aspirin तो नहीं है।

Post a Comment

0 Comments