क्या मोदी जी कर रहे हैं स्वच्छ भारत का ढोंग?

हम सभी को याद होगा कि यूपी चुनाव के दौरान मोदी जी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि 'अगर गांव में कब्रिस्तान बनता है तो श्मशान भी बनना चाहिए। मोदी जी के इस बयान से तो यह लगता है कि मोदी गांव गांव में श्मशान बनाने के इरादे में हैं। पता नहीं शायद मोदी जी को जिन्दा इन्सानों से प्यार नहीं है नहीं तो वह कब्रिस्तान और श्मशान की बात नहीं करते बल्कि अगर जनता की भलाई का या सबका साथ सबका विकास का ख्याल होता तो कब्रिस्तान और श्मशानघाट के बजाए अस्पताल और दवाओं की बात करते। दूसरी सबसे बड़ी यह है कि अगर यह देखकर हर गांव में श्मशान बनवा दिया जाए कि हर गांव में कब्रिस्तान है तो गाँव के गाँव वायु प्रदूषण से ढक जाएंगे जो लोगों के लिए हानिकारक हो सकतें हैं। और इससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। श्मशान से कई प्रकार के प्रदूषण हो सकते हैं शवों के जलने से हवा में बदबू फैलती है और उसका धुआं हवा को बुरी तरह से दूषित करता है। और शवों के जलने से गंदगी भी होती है। यह सभी बातों तो  हर बुध्दिमान व्यक्ति जानता और समझता है। और जिनके पास बुध्दि की कमी है उनको श्मशान जाकर वहां की बदबू का आनंद लेना चाहिए। बहरहाल मोदी जी एक तरफ तो स्वच्छ भारत की बात करते हैं और दूसरी ओर ऐसे बयान दे देते हैं जिससे लोगों में गलत संदेश जाता है। और मोदी जी पर संदेह भी होने लगता है कि क्या वह हकीकत में स्वच्छ भारत अभियान को चला रहे हैं या सिर्फ एक ढोंग है। 

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