Chronic obstructive pulmonary disease जिसे संक्षिप्त रूप में COPD कहा जाता है और हिंदी में इसे चिरकालिक प्रतिरोधी फुफ्फुसीय रोग कहते हैं। यह बीमारी आमतौर पर उन लोगों को होती जो बहुत ज्यादा धुम्रपान करते हैं। इस बीमारी के कारण ब्रिटेन में हर साल लगभग 24000 मौतें होती हैं। अबतक यह माना जाता था कि यह बीमारी मुख्य रूप से धुम्रपान के कारण होती है। सीओपीडी की स्थिति ज्यादातर 35 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्रभावित करती है, जो भारी मात्रा में धुम्रपान करता हो। हालांकि एक शोध में पाया गया है कि निस्संक्रामक सफाई वाले उत्पाद, जैसे ब्लीच के प्रयोग से सीओपीडी के विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और फ्रेंच नेशनल कॉलेज इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल रिसर्च के एक अध्ययन ने पाया कि इन उत्पादों को केवल एक बार हफ्ते में कोई व्यक्ति इस्तेमाल करे तो करीब एक तिहाई सीओपीडी होने की संभावना बढ़ सकती है।
वैज्ञानिकों ने अमेरिका में 55000 से अधिक नर्सो पर विश्लेषण करके एक जानकारी निकाली वैज्ञानिकों ने इस विश्लेषण में ब्लीच, हाइड्रोजन, पैरोक्साइड, एल्कोहल, और क्वार्टरनरी अमोनियम नामक रसायन का प्रयोग किया था। अध्ययन में यह सामने आया कि यह सब सीओपीडी होने के जोखिम को 24% से 32% के बीच बढ़ा सकते हैं। इसके पहले हुए अध्ययनों से पता चला है कि कुछ रसायन अस्थमा जैसी बीमारियों से जुड़े हुए हैं।


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