गौ रक्षा के मुद्दे को उठाने वाली भाजपा अब खुद गौ रक्षा को लेकर सवालों में घिरती नजर आ रही है। देश के अलग अलग भाजपा शासित राज्यों से गायों की मरने की खबर सामने आ रही है वह भी सरकारी गौशालाओं में ऐसी घटनाएं हो रही हैं। शायद अब भाजपा को गाय पर राजनीति करना महंगा पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश, झारखंड के बाद अब राजस्थान के कोटा में 700 गायों की मौत हो गई है। बीते महीने अगस्त से गायों के मरने का सिलसिला जारी है। रोजाना दर्जनों गायों की मौत हो रही है। और इस मामले में सरकार पूरी तरह से लापरवाह नजर आ रही है अबतक गायों की सुरक्षा को लेकर कोई खास कदम सरकार की ओर से नहीं उठाया गया है। लेकिन गाय पर राजनीति करके लोगों को जरूर बांट दिया गया है।
मामले को दबाने की कोशिश में है प्रशासन
बहरहाल रिपोर्ट से यह तो साफ हो गया है कि गायों के मरने का कारण सही देखरेख ना होना और खान पान और चिकित्सा की कमी है। इसे हम प्रशासन और सरकार की बड़ी कोताही मान सकते हैं क्योंकि होने वाली मौतों पर सरकार और प्रशासन दोनों ने ही चुप्पी साध रखी है और कोई गौ रक्षक भी नजर नहीं आ रहा है जो इन गायों की भी रक्षा कर सके। दूसरी बात यह मामला केवल एक बार या एक स्थान का नहीं है इससे पहले जयपुर के हिगौनिंया गौशाला में भी सैकड़ों गाय मरीं थीं। अब कोटा नगर निगम की बड़ी लापरवाही के कारण यहां गायों के मरने का सिलसिला जारी है। गायों के मरने के मामले को सरकार और प्रशासन दबाने की कोशिश में लगे हैं। लेकिन विपक्ष की ओर से बार बार इस पर सवाल उठाया जा रहा है। आपको बता दें कि इससे पहले झारखंड में भाजपा नेता के गौशाला में 300 गायों के मरने की खबर आई थी जिसमें गिरफ्तार नेता गायों को मार कर उनकी तस्करी करता था।


0 Comments