कट्टर हिन्दुत्व विरोधी वरिष्ठ महिला पत्रकार की गोली मारकर हत्या


मंगलूरू के राजेश्वरी नगर स्थित गौरी लंकेश के आवास के बाहर कुछ हमलावरों ने उन पर  काफ़ी क़रीब से गोली चलाई जिसके कारण उनकी मौत हो गई। गौरी को सीने और सिर में गोलियां मारी गईं।



गौरी लंकेश चरमपंथी हिंदुत्ववादी राजनीति की मुखर आलोचक थीं और अपने मैगज़ीन गौरी लंकेश में वह खुलकर लिखा करती थीं।

पुलिस का कहना है कि गौरी ने कभी किसी हमले की धमकी के बारे में कोई शिकायत नहीं की थी।

कर्नाटक के गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि यह हत्या निन्दनीय व दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी गौरी लंकेश की हत्या पर दुख जताते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

गौरी लंकेश के ख़िलाफ भाजपा सांसद प्रहलाद जोशी ने मानहानि का मुक़द्दमा दायर कर रखा है।

इस घटना की मीडिया ने निंदा की है जबकि गौरी लंकेश के आवास के बाहर प्रदर्शन की भी ख़बर है।

बताया जाता है कि गौरी लंकेश अपनी हत्या से कुछ देर पहले तक सोशल मीडिया पर सक्रिय थीं। उन्होंने कुछ ही घंटो। पहले रोहिंग्या मुसलमानों के बारे में एक स्टोरी का लिंक टवीट किया था।

गौरी को चरमपंथी हिंदुत्व विचारधारा की खुलकर आलोचना करने के लिए जाना जाता था।

इससे पहले भी चरमपंथी हिंदुत्व के विरुद्ध आवाज़ उठाने वाले पत्रकारों व लेखकों की हत्या की घटनाएं हो चुकी हैं।

Post a Comment

0 Comments