गुरमीत राम रहीम सिंह और आसाराम जैसे बाबाओं के प्रति भारत के लोग समर्पित क्यों हैं?

भारत में आए दिन किसी न किसी बाबा के ऊपर बलात्कार जैसे संगीन आरोप लगते हैं। जो बाद में सच साबित होते हैं और उन पर कार्यवाही करके जेल भी भेज दिया जाता है। उदाहरण के लिए आसाराम बापू और राम रहीम जैसे बाबा हैं। इन पर बलात्कार के आरोप थे जिसके बाद कोर्ट ने इन्हें दोषी पाया और सजा सुना दी। जिसके बाद इनके ठिकानों पर छानबीन हुई और दुनिया के सामने चौंकाने वाले तथ्य सामने आए और दुनिया को इनकी असलियत का पता चला। और लोगों को इनकी रंगीन जिन्दगी के बारे में भी जानकारी हुई। यह कोई पहली बार की घटना नहीं है इससे पहले बाबा परमानन्द का गंदा विडियो वायरल हुआ था जिसमें बाबा एक औरत के साथ नाजायज संबंध बना रहे थे। विडियो के वायरल होने से लोगों के सामने बाबा का असली चेहरा सामने आया और बाबा सलाखों के पीछे डाल दिया गया। इसके अलावा भीमानंद, संत रामपाल, नित्यानंद जैसे बाबा बलात्कार जैसे संगीन आरोप में दोषी पाए गए हैं। और जेल की हवा खा रहे हैं।

क्यों नहीं थमती ऐसे बाबाओं की पैदावार?

अब सवाल यह पैदा होता है कि क्यों लोग ऐसे ठग और पाखंड बाबाओं के चक्कर में आ जाते हैं? क्यों लोग आंखें बंद करके ऐसे बाबाओं की भक्ति में लीन हो जाते हैं? क्यों भारत में लोग इन बाबाओं के प्रति समर्पित हो जाते हैं? क्योंकि इस प्रकार के बाबा इन्हीं भक्त लोगों की बढ़ती संख्या के कारण बहुत ऊंचाई पर पहुंच जाते हैं। और देखते ही देखते अरबपति हो जातें हैं। और रंगीन जीवन जीने लगते हैं। अगर लोग अपनी आंखें खुली रखें और अपनी अक्ल से काम लें तो ऐसे बाबा कभी पैदा न हों।

लोग कैसे बन जातें हैं भक्त?

ऐसे पाखंड बाबा पहले भोले भाले, नादान और कम अक्ल वाले लोगों का ब्रेनवाश करते हैं। और उनकी मानसिकता बदलते हैं जिससे भक्तों को सही गलत में फर्क ही नहीं दिखाई देता। ऐसे लोगों को तथ्यों से दूर किया जाता है। जिससे वह भक्ति में बिल्कुल अंधे हो जातें हैं और किसी की सुनने को तैयार नहीं होते। और ऐसे लोगों की वजह से ऐसे बाबा समाज में जन्म ले लेते हैं।
इसलिए हमें आंखें और दिमाग़ दोनों खुला रखना चाहिए जिससे हम देख और समझ सकें और सही गलत का फैसला कर सकें।

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