गौरी लंकेश की हत्या बहुत ही दुखद और भारत के लिए शर्मनाक है। इनकी हत्या का कारण केवल उनकी आजाद सोच और उनकी विचारधारा थी। जो उनको गलत लगता था उसको वह अपनी पत्रिका में लिखतीं थीं। जो कुछ लोगों से बर्दाश्त नहीं हो सका और उनकी कलम रोकने के लिए उनकी जिन्दगी छीन ली। देश में ऐसे हालात बनते जा रहे हैं जिससे लगता है कि लोगों को बोलने और सोचने की आजादी नहीं होनी चाहिए। क्योंकि गौरी लंकेश की हत्या पर बहुत सी अभद्र टिप्पणियां उनके ऊपर की गईं कुछ ने कुतिया कहा तो कुछ ने देश के लिए खतरा बताया। बहुत ही शर्मनाक बात है कि लोग एक हत्या को सही ठहरा रहे हैं। कौन देश के लिए खतरा है कौन नहीं है यह फैसला अब हर कोई करने लगा है और जिसे चाहे देश द्रोही बना कर हत्या कर दे रहा है। और फिर उसे सही भी ठहरा दिया जा रहा है। भारत के ऐसे हालात देख कर लग रहा है कि भारत में तानाशाही आ रही है। क्योंकि हर व्यक्ति अब अपनी बात रखने से डर रहा कि कहीं कट्टरपंथी उसे देश द्रोही या आतंकवादी न घोषित कर दें। कट्टरपंथी इतनी आगे बढ़ती जा रही है कि महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की भी प्रशंसा कर रहे हैं।
क्यों बढ़ रही है कट्टरपंथी?
कट्टरपंथी कोई आकस्मिक तौर पर नहीं शुरू हो गई है। इसको फैलाने में काफी समय लगा है लोगों की भावनाओं से खेलकर उनका माइन्डसेट किया गया। और उनको ऐसा बना दिया गया है कि वह गलत को देखते हुए भी उसको सही बताएंगे। और गलत को गलत कहने वालों के साथ हिंसा पर आ जाएंगे। और ऐसे ही लोगों के कारण राम रहीम जैसे बाबा अरबपति बनकर ऐश की जिन्दगी जीते हैं और यह लोग ऐसे व्यक्ति के लिए सड़कों पर आ जातें हैं। अगर ऐसे लोग भारत में रहे तो न न्यायालय का आदेश चलेगा न ही लोकतंत्र बाकी रहेगा।

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