होशियार! मोदी जी ला रहे हैं नई योजना होगी सबकी हालत खराब



भारत का साढ़े तीन साल का इतिहास गवाह है कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस ओर अपना हाथ बढ़ाया है उसकी बुरी दुर्दशा हुई है। हालांकि यह दुर्दशा मोदी जी के चाहने वालों के लिए किसी बड़ी उपलब्धि और सौभाग्य से कम नहीं है। मोदी जी ने काले धन पर लगाम कसने के लिए नोटबंदी जैसा मनहूस फेसला लिया और उसका परिणाम यह रहा कि बाजारों में भारी संख्या में नकली नोट आने लगे।

रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी के कारण 35 प्रतिशत नौकरियों में गिरावट आई है, और 50 प्रतिशत आय का नुकसान हुआ है, 15 लाख लोगों की नौकरियां गई हैं, साठ लाख लोगों की जिंदगी पर असर पड़ा है। लेकिन यह मोदी जी के चाहने वालों के लिए किसी बड़ी उपलब्धि और सफलता से कम नहीं थी। यह लोग इसलिए खुश थे कि लोगों के कारोबार ठप हो रहे हैं, करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। खैर नोटबंदी से होने वाले नुकसान को तो भारतीय रिजर्व बैंक ने खुद ही सिद्ध कर दिया है। फिर मोदी जी ने कर की दुनिया में कदम रखा और बड़े बदलाव की खातिर जीएसटी लागू किया, जिसका परिणाम यह हुआ कि छोटे व्यापारी कंगाल हो गए। फिर मोदी भक्त बर्बाद हुए व्यापारियों की सूची मांगने में लग गए उनका कहना है कि जीएसटी से किसी पर कोई असर नहीं पड़ा है। जीएसटी से अगर किसी का नुकसान नहीं हुआ है तो जीएसटी काउंसिल को जीएसटी में बदलाव करने की कोई आवश्यकता ही नहीं थी जीएसटी दर को कम करना और कर को हल्का करना यह तर्क है कि जीएसटी लागू करने में गलती हुई है लेकिन भक्त तो शुरू से ही इसके समर्थन में थे। जबकि मोदी सरकार को खुद अपनी गलती का एहसास हुआ और जीएसटी में बदलाव कर डाले। और आगे भी कर सकते हैं।


आपको यह जानकर हैरानी होगी कि मोदी जी इस बार बिजली में सुधार के लिए एक नई योजना ला रहे हैं। इस योजना का नाम है 'सौभाग्य' इस योजना के अंतर्गत देश के हर गांव के घर-घर चौबीस घंटे बिजली मिलेगी। मोदी जी ने आंकड़े पेश किये की देश के 4 करोड़ घरों में आज भी बिजली नहीं पहुंची है। जो अब इस योजना के अंतर्गत पहुंचाई जाएगी, और उन गांवों और घरों को बिजली कनेक्शन दिया जाएगा जो अभी तक इससे वंचित थे। और उनको साथ ही चौबीस घंटे बिजली भी मिलेगी। अगर ऐसा सच में होता है तो यह किसी सौभाग्य से कम नहीं है और यह सच में हमारे लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। लेकिन आपको बता दें कि भारत में अभी ऐसे बहुत गांव हैं जहां बिजली कनेक्शन है तो मगर बिजली नहीं मिल रही है और कुछ गांव ऐसे हैं जहां नाम की बिजली मिल रही है। तो अगर ऐसे में मोदी जी 4 करोड़ घरों को बिना तैयारी के कनेक्शन देते हैं तो जिन गांवों में पहले से बिजली मिल रही थी उनकी हालत खराब हो जाएगी। आपको बता दें कि मोदी सरकार ने अब तक जितने भी कदम उठाए हैं उसमें पहले से कुछ खास तैयारी नहीं थी चाहे वह नोटबंदी हो 'जिसका फैसला रातोंरात लिया गया ' चाहे जीएसटी हो 'जिसमें बदलाव किया गया' है। फिर यह सोचने की बात होगी कि अगर मोदी सरकार बिना तैयारी के और बिना बिजली में पैदावार बढ़ाए गांव-गांव के घरों-घरों में बिजली बांटती है तो उन गांवों की हालत बदतर हो जाएगी जहां पहले से ही बिजली मौजूद थी। ऐसे में मोदी जी का नाम हो जाएगा कि मोदी जी ने गांव गांव तक में बिजली पहुंचा दी चाहे भले ही बिजली 1 घंटे या कुछ मिनट ही क्यों न मिले। वैसे एक बात तो है कि जब से मोदी जी की इस योजना को लागू करने की बात सामने आई है बिजली कटौती में वृद्धि आ गई है, इसलिए इस योजना को लेकर पहले से ही काफी डर है कि कहीं नोटबंदी और जीएसटी की तरह बची खुची बिजली भी हाथ से न चली जाए, और भक्तों को दुबारा खुश होने का मौका ना मिल जाए। क्योंकि कोई भी ऐसा मौका हो जिसमें देश का या देश की जनता का बुरा हाल होता है, इन भक्तों का खुश होना जरूरी हो जाता है।
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