सावधान: जीएसटी के नाम पर लूटे जा सकते हैं आप भी, बरतें यह सावधानियां

भारत सरकार ने जीएसटी लागू कर तो दिया है, लेकिन बहुत से लोगों को इसके बारे में अच्छे से जानकारी नहीं है, और विक्रेताओं के हाथों धोखा खा जाते हैं।
जीएसटी कोई ऐसा टैक्स नहीं है जो हमें लूटने या कंगाल करने के लिए लागू किया गया है, बल्कि यह पहले के तमाम टैक्सों को हटाकर बस एक टैक्स लिया जा रहा है। जीएसटी वास्तव में बुरा नहीं है, क्योंकि पहले कई तरह के टैक्स एक सामान या सुविधा पर लिये जाते थे लेकिन अब उनको खत्म करके बस एक टैक्स यानी जीएसटी लिया जाता है। अलबत्ता जीएसटी को लागू करने और इनके नियमों को बनाने में बहुत गलियाँ हुई हैं और दूसरी सबसे बड़ी यह है कि टैक्स की दरें बहुत ज्यादा रखी गई है जो हर तरह से गलत हैं। क्योंकि इससे मंहगाई बहुत बढ़ गई है जबकि होना यह चाहिए था कि महंगाई में कमी आए। लेकिन ज्यादा टैक्स दर होने के कारण लोगों को तंगी से जूझना पड़ रहा है। हालांकि इसमें सुधार किये जा रहे हैं और टैक्स की दरों को भी कम किया जा रहा है, क्योंकि इससे सबसे ज्यादा आम नागरिक प्रभावित हुए हैं। बहरहाल उम्मीद तो यही है कि आगे भी सरकार टैक्स को कम करेगी जिससे आम जनता को राहत मिलेगी। लेकिन हमें जीएसटी को लेकर थोड़ा सतर्क होना चाहिए क्योंकि जीएसटी के नाम पर बहुत से विक्रेता लोगों को बेवकूफ बनाकर पैसे लूट रहे हैं।
इसलिए हमें होशियार रहने के लिए कुछ खास बातों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।

1. अतिरिक्त टैक्स वसूली


अगर आप कभी कोई सामान खरीदते हैं, या किसी रेस्तरां में खाना खाते हैं या कोई अन्य सुविधा का उपयोग करते हैं तो हमेशा एक बात का ध्यान दें कि आपसे कहीं जीएसटी के साथ अन्य टैक्स भी तो नहीं वसूला जा रहा है? अगर ऐसा होता है तो कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत दर्ज करें, क्योंकि अगर आप जीएसटी का भुगतान कर रहे हैं तो यही काफी है डीलर को दूसरे टैक्स लेने का अधिकार नहीं है।

2. जीएसटी नंबर होना अनिवार्य 


आप जिस विक्रेता, दुकानदार या व्यापारी को भुगतान कर रहे हैं अगर वह आपसे जीएसटी वसूलता है, तो सबसे पहले आप यह जांचें कि आपका विक्रेता जीएसटी से रजिस्टर है या नहीं, इसके लिए आप अपनी बिल में देखिए कि उसमें जीएसटी नंबर छपा हुआ है, या नहीं। यह नंबर पंद्रह अंको का होता है और आमतौर पर यह बिल के ऊपर या नीचे छपा हुआ होता है। अगर यह नंबर नहीं है तो इसका मतलब आपका डीलर जीएसटी से रजिस्टर्ड नहीं है। और आपको धोखा दिया जा रहा है।

3. जीएसटी नंबर की जांच 


ऐसा भी होता है कि बहुत से विक्रेताओं, दुकानदारों या व्यापारियों के पास जीएसटी नंबर तो होता है, लेकिन यह भी हो सकता है कि वह नंबर नकली हो और आप उसे जीएसटी भी दे रहे हों। इसलिए आपको भुगतान करने से पहले जीएसटी नंबर की जांच कर लेनी चाहिए, और इसके लिए आप जीएसटी काउंसिल की वेबसाइट के इस एड्रेस पर https://services.gst.gov.in/services/searchtp जाकर जांच कर सकते हैं कि जीएसटी नंबर असली है या नकली। अगर नकली है तो जीएसटी के लिए भुगतान ना करें।

4. धोखा होने पर करें शिकायत 


अगर आपसे जीएसटी के नाम पर जबरदस्ती पैसे वसूले जा रहे हैं जबकि डीलर के पास जीएसटी नंबर भी ना हो या नकली नंबर है तो आप इसके लिए फौरन शिकायत दर्ज करें। शिकायत दर्ज कराने के लिए आपके पास कई विकल्प हैं। आप चाहें तो इस नंबर 1800114000 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं, या इस नंबर 8130009809 पर एसएमएस कर सकते हैं। या इस वेबसाइट https://consumerhelpline.gov.in पर शिकायत कर सकते हैं, या इस ईमेल एड्रेस consumer-helpline@gov.in या nah-ca@gov.in पर ईमेल करके शिकायत कर सकते हैं। या फिर जीएसटी के पोर्टल पर helpdesk@gst.gov.in पर ईमेल करके शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
या जीएसटी हेल्पलाइन पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं 0120-4888999
         011-23370115
एक बात और ध्यान में रखें कि अगर आप किसी डीलर को सर्विस चार्ज नहीं देना चाहते हैं तो यह आपकी मर्जी है, अगर फिर भी आपसे जबरदस्ती लिया जा रहा है तो आप कंज्यूमर कोर्ट में इसकी शिकायत कर सकते हैं।

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