बहुत से लोगों को यह शिकायत है कि उन्हें रात को ठीक से नींद नहीं आती, या आती है तो बहुत देर में और कभी कभी तो जागते हुए सुबह भी हो जाती है। ऐसे लोगों को बाद में यह चिंता भी सताने लगती है कि कहीं वह अनिद्रा का शिकार तो नहीं हो रहें? आपको यह जानकर हैरानी होगी कि करीब दुनिया की एक तिहाई आबादी के वयस्क लोग अनिद्रा से प्रभावित है। अच्छी नींद न आने के बहुत से सामान्य कारण हो सकतें हैं और अगर हम इन पर ध्यान दें और थोड़ा एहतियात और सावधानियां बरतें तो निश्चित रूप से हम नींद न आने की बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं।
नींद न आने के यह हैं कुछ मुख्य कारण,
नींद न आने क सबसे बड़ा कारण है चिंता, घबराहट, तनाव या अवसाद। अगर आप किसी बात को लेकर बेहद चिंतित हैं, या किसी चीज़ को लेकर काफी परेशान हैं और तनाव महसूस कर रहे हैं तो यह आपकी नींद को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा अगर आप को कोई दुख या सदमा लगा है तो यह भी आपकी नींद में बाधा डाल सकता है। इसलिए बेहतर है कि सोने से पहले आप तनाव मुक्त हों जिससे आप सुकून भरी नींद पा सकते हैं। कभी कभी किसी बात को लेकर घबराहट के कारण भी नींद नहीं आती।
ज्यादातर ऐसा होता है कि बिस्तर पर जाते ही हम अपना दिमाग़ दौड़ाने लग जाते हैं और सोच विचार करने लग जाते हैं। कुछ लोगों की परेशानी यह होती है कि वह इतना ज्यादा ख्यालों में डूब जाते हैं और इतनी गहराई से विचार करने लग जाते हैं कि उनकी नींद ही गायब हो जाती है, या नींद आने में बहुत समय लग जाता है। इसलिये बिस्तर पर जाने के बाद आप विचार अवश्य करें लेकिन दिमाग़ पर इतना ज्यादा जोर न दें, की जिससे आपकी नींद बाधित हो जाए, या नींद काफी देर से आए।
हमें प्रयास करना चाहिए कि सोने का एक समय निश्चित करना करें और उसका पालन करना करें। क्योंकि अनियमित और बेवक्त सोना रातों की नींद को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। हमारे लिए बहुत जरूरी है कि हम यह तय करें कि हमें कब सोना है और कब उठना है? अगर कुछ लोग दिन में सोने के बेवक्त सो जाते हैं तो हो सकता है कि रात को नींद आने में परेशानी हो।
अगर आप किसी ऐसे बिस्तर पर सो रहे हैं जो बहुत मटमैला और धूल भरा है तो आपको नींद आना मुश्किल हो सकता है। या अगर आप किसी ऐसी जगह पर सो रहे हैं जहां बहुत शोर शराबा है तो इसके कारण भी आपकी नींद खराब हो सकती है। इसके अलावा ऐसे कमरे में सोना जहाँ बहुत उजाला और रौशनी हो तो यह भी आपकी नींद में बाधा पहुंचा सकता है।
माइग्रेन, सिरदर्द भी बड़ा कारण हो सकता है नींद न आने का। अब चाहे यह सिरदर्द आपको सर्दी जुकाम या बुखार के कारण हो या किसी अन्य बीमारी के कारण।
अगर आप सोने जा रहे हैं और आपने उससे ठीक पहले काफी इत्यादि पी ली है, तो इससे आपको सोने में परेशानी हो सकती है। और आपकी नींद बाधित हो सकती है।
कुछ दवाओं के प्रयोग से भी आपकी नींद पर असर पड़ सकता है। खासकर उत्तेजक दवाएं जो शक्ति बढ़ाती हैं।
कभी-कभी ऐसा होता है कि बिस्तर पर जाने से पहले ज्यादा खाने के कारण अजीब सी बेचैनी होने लगती और यह आपकी नींद को भी अस्तव्यस्त कर देती है। सोने से पहले बहुत ज्यादा खा लेने से नींद खराब हो सकती है। इसलिए बिस्तर पर जाने से पहले खाना कम खाएं, या फिर खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर न जाएं बल्कि थोड़ा टहल लें।
अगर आप किसी चीज़ के लिए बहुत ज्यादा उत्तेजित हैं और रात को सोते समय वह चीज आपके दिमाग में है और बार बार उसी के बारे में सोचते हैं तो इस उत्तेजना के कारण आपकी नींद में अशांति आ सकती है।
अगर आपको किसी कारण नींद नहीं आ रही है और आप अपनी नींद को लेकर चिंतित हैं तो इससे आपको नींद आने में और भी परेशानी होगी। क्योंकि अच्छी नींद के लिए जरूरी है कि दिमाग चिंता मुक्त हो। अगर हम इस बारे में सोचते रहें कि काफी समय बीत गया है नींद नहीं आ रही है, या नींद क्यों नहीं आ रही है? तो इससे आपका दिमाग बहुत परेशान हो जाता है और ऐसे ही सोचते सोचते सुबह हो जाती है। इसलिए अपने दिमाग को सुकून पहचान चाहिए और इस तरह के विचार को दिमाग में नहीं लाना चाहिए।
नींद न आने का दूसरा कारण देर रात मोबाइल फोन या अन्य गैजट्स जैसे लेपटॉप आईपैड इत्यादि का उपयोग भी हो सकता है। क्योंकि इनकी स्क्रीन से ब्लू लाईट विकिरण उत्पन्न होता है, जो हमारे दिमाग को संकेत देता है कि यह सोने का समय नहीं है और ऐसे में हमारी नींद उड़ जाती है।
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'कैंसर के वैकल्पिक उपचार' बढ़ा सकते हैं मौत के जोखिम
नींद न आने के यह हैं कुछ मुख्य कारण,
1. चिंता, तनाव, अवसाद
नींद न आने क सबसे बड़ा कारण है चिंता, घबराहट, तनाव या अवसाद। अगर आप किसी बात को लेकर बेहद चिंतित हैं, या किसी चीज़ को लेकर काफी परेशान हैं और तनाव महसूस कर रहे हैं तो यह आपकी नींद को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा अगर आप को कोई दुख या सदमा लगा है तो यह भी आपकी नींद में बाधा डाल सकता है। इसलिए बेहतर है कि सोने से पहले आप तनाव मुक्त हों जिससे आप सुकून भरी नींद पा सकते हैं। कभी कभी किसी बात को लेकर घबराहट के कारण भी नींद नहीं आती।
2. बहुत अधिक गहरा विचार
ज्यादातर ऐसा होता है कि बिस्तर पर जाते ही हम अपना दिमाग़ दौड़ाने लग जाते हैं और सोच विचार करने लग जाते हैं। कुछ लोगों की परेशानी यह होती है कि वह इतना ज्यादा ख्यालों में डूब जाते हैं और इतनी गहराई से विचार करने लग जाते हैं कि उनकी नींद ही गायब हो जाती है, या नींद आने में बहुत समय लग जाता है। इसलिये बिस्तर पर जाने के बाद आप विचार अवश्य करें लेकिन दिमाग़ पर इतना ज्यादा जोर न दें, की जिससे आपकी नींद बाधित हो जाए, या नींद काफी देर से आए।
3. अनियमित सोने का समय
हमें प्रयास करना चाहिए कि सोने का एक समय निश्चित करना करें और उसका पालन करना करें। क्योंकि अनियमित और बेवक्त सोना रातों की नींद को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। हमारे लिए बहुत जरूरी है कि हम यह तय करें कि हमें कब सोना है और कब उठना है? अगर कुछ लोग दिन में सोने के बेवक्त सो जाते हैं तो हो सकता है कि रात को नींद आने में परेशानी हो।
4. खराब वातावरण
अगर आप किसी ऐसे बिस्तर पर सो रहे हैं जो बहुत मटमैला और धूल भरा है तो आपको नींद आना मुश्किल हो सकता है। या अगर आप किसी ऐसी जगह पर सो रहे हैं जहां बहुत शोर शराबा है तो इसके कारण भी आपकी नींद खराब हो सकती है। इसके अलावा ऐसे कमरे में सोना जहाँ बहुत उजाला और रौशनी हो तो यह भी आपकी नींद में बाधा पहुंचा सकता है।
5. सिरदर्द
माइग्रेन, सिरदर्द भी बड़ा कारण हो सकता है नींद न आने का। अब चाहे यह सिरदर्द आपको सर्दी जुकाम या बुखार के कारण हो या किसी अन्य बीमारी के कारण।
6. बिस्तर पर जाने से पहले कैफीन पीना
अगर आप सोने जा रहे हैं और आपने उससे ठीक पहले काफी इत्यादि पी ली है, तो इससे आपको सोने में परेशानी हो सकती है। और आपकी नींद बाधित हो सकती है।
7. औषधि-प्रयोग
कुछ दवाओं के प्रयोग से भी आपकी नींद पर असर पड़ सकता है। खासकर उत्तेजक दवाएं जो शक्ति बढ़ाती हैं।
8. बहुत ज्यादा खाना खा लेना
9. उत्तेजना
अगर आप किसी चीज़ के लिए बहुत ज्यादा उत्तेजित हैं और रात को सोते समय वह चीज आपके दिमाग में है और बार बार उसी के बारे में सोचते हैं तो इस उत्तेजना के कारण आपकी नींद में अशांति आ सकती है।
10. नींद न आने को लेकर चिंता
अगर आपको किसी कारण नींद नहीं आ रही है और आप अपनी नींद को लेकर चिंतित हैं तो इससे आपको नींद आने में और भी परेशानी होगी। क्योंकि अच्छी नींद के लिए जरूरी है कि दिमाग चिंता मुक्त हो। अगर हम इस बारे में सोचते रहें कि काफी समय बीत गया है नींद नहीं आ रही है, या नींद क्यों नहीं आ रही है? तो इससे आपका दिमाग बहुत परेशान हो जाता है और ऐसे ही सोचते सोचते सुबह हो जाती है। इसलिए अपने दिमाग को सुकून पहचान चाहिए और इस तरह के विचार को दिमाग में नहीं लाना चाहिए।
नींद न आने का दूसरा कारण देर रात मोबाइल फोन या अन्य गैजट्स जैसे लेपटॉप आईपैड इत्यादि का उपयोग भी हो सकता है। क्योंकि इनकी स्क्रीन से ब्लू लाईट विकिरण उत्पन्न होता है, जो हमारे दिमाग को संकेत देता है कि यह सोने का समय नहीं है और ऐसे में हमारी नींद उड़ जाती है।
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