प्लास्टिक की बोतल में पानी पीना कितना सुरक्षित, और कितना हानिकारक है? - जानना बेहद जरूरी है



आमतौर पर गर्मियों के मौसम में पानी का महत्व कुछ ज्यादा ही बढ़ जाता है। क्योंकि गर्मियों में पसीना आता है और इसकी वजह से अधिक प्यास लगने लगती है। और शायद गर्मी के कारण ठंडे पानी और अन्य ठंडे पेय पदार्थों की चाहत बहुत अधिक बढ़ जाती है।
तेज धूप और भयानक गर्मी के कारण बाहर निकलते ही गला सूखने लगता है और ऐसे में पानी अमृत समान होता है। क्योंकि ऐसे समय में अगर आपको पानी नहीं मिलता है तो आप डीहाइड्रेशन का शिकार भी हो‌ सकते हैं।
बहुत से लोग जब घर से बाहर निकलते हैं तो अपने साथ पानी की बोतल साथ में लेलेते हैं ताकि प्यास से बचे रहें।




ऐसा केवल बाहर ही नहीं घरों, दफ्तरों, स्कूल और कालेज में भी हो‌ता है।
घर में हम फ्रीज में पानी की बोतल रखतें हैं और उन्हीं को प्यास लगने पर इस्तेमाल करते हैं।
दफ्तरों स्कूल और कॉलेजों में पानी की बोतल साथ ले जाते हैं।
लेकिन क्या हम कभी यह सोचते हैं कि यह प्लास्टिक की बोतल हमारे स्वास्थ्य के लिए कितनी सुरक्षित हैं?
प्लास्टिक की बोतलें कुछ हानिकारक केमिकल से बनाये जातें हैं जिनसे गंभीर रोग और दिल की बीमारियां हो सकती हैं।
खासकर जब हम ऐसी बोतलों में कोई गरम द्रव्य जैसे, चाय, दूध रखतें हैं या बोतल को धूप की गर्मी के सामने रखते हैं तो ऐसे में केमिकल उन द्रव्यों में तेजी से घुलता है।
इसलिए बच्चों को ऐसे बोतलों से दूध नहीं पिलाना चाहिए।
प्लास्टिक की बनी कुछ बोतलें जैसे कोड 3 और 7 रिसाइकिल चिह्न वाली प्लास्टिक की बोतलें जहरीले और खतरनाक केमिकल से मिलकर बनी होती हैं, जिसे Bisphonel A कहा जाता है। यह पानी में तेजी से घुलता है और इससे कई खतरनाक बीमारियां होती हैं।
बीपीए एक औद्योगिक रसायन है जिसका उपयोग 1 960 के दशक से कुछ प्लास्टिक और रेजिन बनाने के लिए किया गया है।

बीपीए पॉली कार्बोनेट प्लास्टिक और इकोक्सी रेजिन में पाया जाता है। पॉली कार्बोनेट प्लास्टिक अक्सर कंटेनरों में उपयोग किया जाता है जैसे पानी की बोतलों जो खाद्य और पेय पदार्थों को स्टोर करते हैं। इन्हें अन्य उपभोक्ता सामानों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
कई शोधों से पता चला है कि बीपीए से बने कंटेनर में में रखे हुए पानी या खाद्य पदार्थों में बीपीए रिसता रहता है।
बीपीए का एक्सपोज़र चिंता का विषय है, क्योंकि बीपीए संभावित रूप से स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है, जिसके कारण मस्तिष्क, भूर्ण, शिशुओं और बच्चों की प्रोस्टेट ग्रन्थि और व्यवहार पर असर पड़ता है।
अतिरिक्त शोध बीपीए और रक्तचाप में वृद्धि के बीच एक संभावित सम्बन्ध को दर्शाता है।
स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक की बोतलों को लेकर कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।

हालांकि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने कहा है कि कुछ खाद्य पदार्थों में मौजूद बहुत कम स्तर पर बीपीए सुरक्षित है। यह मूल्यांकन सैकड़ों अध्ययनों की समीक्षा पर आधारित है।

एफडीए बीपीए की समीक्षा जारी रखते हुए, जिसमें चल रहे शोध का समर्थन भी शामिल है। इस बीच, यदि आप बीपीए के बारे में चिंतित हैं, तो आप अपने जोखिम को कम करने के लिए कुछ सावधानियां बरत  सकते हैं:
  • बीपीए मुक्त उत्पादों का प्रयोग करें। निर्माता अधिक से अधिक बीपीए मुक्त उत्पादों का निर्माण कर रहे हैं। बीपीए मुक्त का लेबल देख कर ही लें। यदि किसी उत्पाद पर लेबल नहीं है, तो ध्यान रखें कि कुछ, लेकिन सभी नहीं, रीसायकल कोड 3 या 7 के साथ चिह्नित प्लास्टिक बीपीए से बने हुए हैं। 

  •  डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों के उपयोग को कम करें क्योंकि अधिकांश डिब्बे बीपीए युक्त राल के साथ रेखांकित होते हैं। 

  • गर्मी से बचाएं।  माइक्रोवेविंग पॉली कार्बोनेट प्लास्टिक को माइक्रोवेव या उन्हें डिशवॉशर में न डालें, क्योंकि प्लास्टिक समय के साथ टूट सकता है और बीपीए खाद्य पदार्थों में रिस सकता है।

  • विकल्प का उपयोग करें। प्लास्टिक के कंटेनर के बजाय गर्म खाद्य पदार्थों और तरल पदार्थ के लिए कांच, चीनी मिट्टी के बरतन या स्टेनलेस स्टील के कंटेनर का प्रयोग करें।

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