लीवर की सभी बीमारियों का प्राकृतिक उपचार कैसे करें?


मिल्क थिसल एक प्रकार का पौधा है, जो मूल रूप से यूरोप में पाया जाता है, बाद में इसे प्रारंभिक उपनिवेशवादियों द्वारा उत्तरी अमेरिका में लाया गया। यह पौधा अब पूरे पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका, कैलिफ़ोर्निया, दक्षिड़ अमेरिका, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और एशिया में पाया जाता है।



 यह पौधा 2 मीटर तक बड़ा होता है, इसमें चमकीले बैंगनी रंग के फूल लगते हैं। इसका नाम मिल्क थिसल इसमें से निकलने वाले दूधिया रस के कारण है, जो पत्ते टूटने पर निकलता है। इस पौधे का ज़मीन से ऊपर वाला हिस्सा और इसके बीज दवाएं बनाने के लिए उपयोग में लाया जाता है। आमतौर पर बीज का अधिक उपयोग किया जाता है। कुछ लोग इसको मेरी थिसल या हौली थिसल भी कहते हैं। इस पौधे का फूल और बीज औषधि के रूप में कार्य करता है। यह पौधा सेहत का खज़ाना है, इससे कई प्रकार की बीमारियों का इलाज किया जाता है। मिल्क थिसल एक अनमोल हर्बल औषधि है।  
मिल्क थिसल का प्रयोग जिगर की समस्याओं के लिए प्राकृतिक उपचार के रूप में किया जाता है। इन जिगर की समस्याओं में फैटी लीवर, सिरोसिस, पीलिया, हेपेटाइटिस और पित्ताशय की थैली के विकार शामिल हैं। 
कुछ सबूत दावा करते हैं की मिल्क थिसल

  • कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करके दिल को फ़ायदा पहुंचाता है। 
  •  टाइप 2 मधुमेह और सिरोसिस वाले लोगों को फ़ायदा पहुंचाता है। 



क्या मिल्क थिसल सच में फायदेमंद है ?

मिल्क थिसल में सिलीमारिन मुख्य घटक है। सिलीमारिन सूजन विरोधी और एंटीऑक्सीडेंट भी है। अब इसके क्या फायदे हैं, वो तो शरीर में ही दिखेगा। 


 यह कैसे काम करता है ?


मिल्क थिसल के बीज जिगर की कोशिकाओं को ज़हरीले रसायनों और दवाओं से बचाता है।  और ऐसा लगता है कि रक्त शर्करा को कम करने में इसके एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी काफी प्रभावी होते हैं। 


किन किन बीमारियों में उपयोगी है ?

मिल्क थिसल अक्सर जिगर विकारों के लिए लिया जाता है, जिसमें रसायनों, अल्कोहल, और कीमोथेरपी के कारण जिगर की क्षति के साथ मशरूम विषाक्तता, गैर मादक फैटी यकृत रोग, जिगर की पुरानी सूजन, जिगर की सिरोसिस और पुरानी हेपेटाइटिस शामिल है। 
इन सभी समस्याओं में मिल्क थिसल का प्रयोग किया जाता है। मिल्क थिसल को हृद्दाह (अपच), आंत्र सूजन रोग (अल्सरेटिव कोलाइटिस) जो बड़ी आंत की प्रदाहक एवं व्रणग्रस्‍त अवस्‍था होती है, और बढ़े हुए प्रोस्टेट, बीटा थैलेसीमिया नामक एक रक्त विकार और बाँझपन में भी लिया जाता है। 
मिल्क थिसल को नियमित तौर पर लेने से लिवर फंक्शन ठीक हो जाता है। मिल्क थिसल को चिकित्सकीय रूप से सिलीमारिन के नाम से जाना जाता है। 
यह आपको किसी भी मेडिकल स्टोर पर मिल सकती है, यह कैप्सूल, पाउडर और सिरप के रूप में मिलती है। 
मार्किट में सिलीमारिन (silymarin) के ढेरों प्रोडक्ट उपलब्ध हैं। 

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