मच्छरों से हर कोई परेशान है, क्यूंकि एक मच्चर तब तक काटता है जब तक उसकी जान न चली जाये। परेशान होने के साथ साथ मच्छरों पर गुस्सा भी आता है, क्यूंकि हर उपाए आज़मा लेने के बाद भी यह परेशान करना छोड़ते नहीं हैं। मच्छरों की वजह से हमारे काम पर भी असर पड़ता है।
मच्छर धरती पर अकेली ऐसी प्रजाति है जो मौत से नहीं डरती बल्कि वो जीवों के खून चूसने के लिए खुद मर जाते हैं। आपने देखा होगा कि जब कोई जीव, जंतु इंसानों, या अन्य जीव से खतरा महसूस करता है तो वह अपनी जान बचा कर भाग जाता है। जबकि मच्छरों में ऐसा नहीं पाया जाता जब कोई मच्छर आपको काट रहा हो और आप उसको मारते हैं, लेकिन वह ग़लती से बच जाता है तो वह फिर से काटने के लिए आता है, और तब तक काटता है जबतक आप उसको मार ना दें।
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आमतौर पर हम मच्छरों से राहत पाने के लिए अगरबत्ती (कॉयल), लिक्विड या स्प्रे का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन यह हानिकारक रसायनों से बनते हैं, इसलिए यह मच्छरों के साथ हमारे स्वास्थ को भी नुक्सान पहुंचाते हैं।
यह रसायन इतने हानिकारक होते हैं कि इनसे फेफड़ों की बीमारियों से लेकर कैंसर जैसी घातक भी होती है। लेकिन कुछ ऐसे प्राकृतिक उपाय भी हैं जिनकी मदद से आप मच्छरों से छुटकारा पा सकते हैं।
और इससे आपके स्वास्थ पर भी कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है। यह पूरी तरह से सुरक्षित है और सस्ता भी है।
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अगर आप मच्छरों से राहत पाना चाहते हैं और उनको भागाना चाहते हैं तो 'लोबान' सुलगाएं यह बोसवेलिया सक्रा नामक एक पेड़ की सुगन्धित और ठोंस राल होती है।
इस राल को परफ्यूम में भी इस्तेमाल किया जाता है। यह राल कीटनाशक होती है यह मच्छरों के साथ अन्य कीट-पतंगों से भी छुटकारा दिलाती है। इसके धुऐं का असर तेज़ी से कीड़ों और मच्छरों पर पड़ता है, जिसके कारण वह भागने लगते हैं। इसके धुएं से मच्छरों की पर नम होने लगती है, जिसकी वजह से वे ठीक से उड़ नहीं पाते।

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