एक साधू को अपने जीवन में बहुत सारी चीज़ों का त्याग देना पड़ता है। अगर आपको साधू समाज के बारे में ज्ञान होगा तो आप नागा साधुओं के बारे में ज़रूर जानते होंगे। आप कभी संगम नगरी इलाहाबाद जाएंगे तो आपको यहां नागा साधुओं की भरमार मिल जाएगी, ये साधू बिना वस्त्रों के कड़ी तपस्या करते हैं। नागा साधू समाज और इनके रीती रिवाज बहुत पुराने हैं जो हमारी भारतीय संस्कृति से जुड़े हुए हैं। खैर नागा साधुओं के बारे में भले ही आप अच्छी जानकारी रखते हों लेकिन आपने कभी महिला नागा साधुओं के बारे में नहीं सुना होगा। इनसे काफी रोचक तथ्य जुड़े हुए हैं जो शायद ही आप जानते होंगे आज हम आपको महिला नागा साधुओं की रहस्यमयी दुनिया से जुड़ी हुई कुछ चौंकाने वाली बातें बताने जा रहे हैं।
- महिला नागा साधुओं को सन्यासन बनने से पहले पंद्रह साल तक कठिन ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है।
- नागा सन्यासन बनने से पहले अखाड़े के साधु-संत उस महिला के घर परिवार और उसके पिछले जन्म की जांच पड़ताल करते हैं तब जाकर उन्हें नागा साधुओं में शामिल होने की आज्ञा मिलती है।
- सन्यासन बनने से पहले महिला को खुद का पिंड दान करना पड़ता है।
- पिंड दान करने के बाद महिला को अपने सिर के बालों को मुंडवाना पड़ता हैं।
- नागा सन्यासं बनना आसान नहीं होता है क्योंकि यहां महिलाओं को भी पुरुष नागा साधुओं की तरह ही सभी कार्य करने पड़ते हैं।
- जिस जगह से महिला को सन्यास की दीक्षा लेनी होती है वहां उसके आचार्य महा मण्डलय ही उन्हें दीक्षा प्रदान करते हैं।
- महिलाओं को खुद का मुंडन करने के बाद नदी में स्नान करने को कहा जाता है।
- अगली सुबह सभी महिलाओं को जल्दी उठ कर शिवजी का जाप करने के लिए कहा जाता है।
- जब महिलाओं को दोपहर का भोजन दिया जाता है तो उसके बाद उन्हें फिर से शिव जी का जाप करने के लिए बोला जाता है।
- जब महिला नागा सन्यासन पूरी तरह से बन जाती है तो अखाड़े के सभी साधु-संत उस महिला को माता कह कर बुलाते हैं।
तो यह थे महिला नागा साधुओं से जुड़े 10 रोचक तथ्य उम्मीद करते हैं कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। अगर आपको यह जानकारी पसंद आई है तो कमेंट करके हमें ज़रूर बताएं।

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