यह हैं भारत के पांच सबसे बड़े प्राइवेट बैंक, नंबर 2 वाले में तो सभी खुलवाना चाहेंगे खाता


आज के समय में एक बैंक खाते का महत्त्व हम सभी को पता है। देश हर नागरिक को बैंक खाते की ज़रुरत और अहमियत पता है, चाहे वह किसी भी तबके का हो अमीर हो या ग़रीब हो, जवान हो या बूढ़ा हो, क्षात्र हो या वेतनभोगी हो, बड़ा व्यापारी हो या छोटे कारोबार वाला हो या फिर बिना नौकरी और व्यापार वाला हो।सभी जानते हैं कि बैंक खाता होना कितना ज़रूरी है। अगर किसी के पास बैंक खाता नहीं है तो सरकार की ओर से मिलने वाली पेंशन, वेतन, सब्सिडी, स्कालरशिप, व अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ नहीं मिल पाएंगे।
बैंक न होने की वजह से आपको हर लेनदेन में नकदी का इस्तेमाल करना पड़ेगा। जबकि बैंक खाता होने से यह आसानी होती है कि आप हर लेनदेन ऑनलाइन बड़ी आसानी से कर सकते हैं वह भी बहुत कम समय में घर बैठे बैठे।
भारत में ज़्यादातर लोग सरकारी बैंकों में ही खाते खुलवाते हैं, क्यूंकि उनको सरकारी बैंकों पर भरोसा भी होता है और साथ ही उनका खाता सस्ते में खोल दिया जाता है।
सरकारी बैंकों में प्राइवेट बैंकों की तरह खाता खोलने के लिए आप से ज़्यादा धनराशि नहीं मांगते, हालाँकि वह धनराशि आप ही के खाते में जमा होती है। ज़्यादातर प्राइवेट बैंक एक नियमित बचत खाता खोलने के लिए आप से 10 हज़ार रुपए की राशि खाते में रखने को बोलेंगे। और न्यूनतम 10 हज़ार रुपए की राशि आपको अपने खाते में बनाये भी रखने होंगे, जिससे आपका खाता सक्रीय रहेगा, और किसी प्रकार की कटौती भी नहीं होगी। और आपके खाते से न्यूनतम राशि न रखने की वजह से कटौती भी हो सकती है।
अब यह सवाल हमारे मन में उठता है कि प्राइवेट बैंक क्यों इतनी ज़्यादा राशि पर खाता खोलते हैं, जबकि सरकारी बैंक कम राशि पर ही खाता खोल देते हैं।
तो इसका एक ही उत्तर होगा क्यूंकि प्राइवेट बैंक आपको अच्छी ग्राहक सहायता सेवा देते हैं। और प्राइवेट बैंक सरकारी बैंकों से ज़्यादा और अच्छी सुविधाएँ देंगे इसलिए इनके चार्जेज भी थोड़े ज़्यादा होंगे।
प्राइवेट बैंकों में काम तेज़ी से होते हैं, जिसकी वजह से बहुत से लोग सरकारी बैंकों में खाता खोलने के बजाय प्राइवेट बैंक की ओर अपना रुख करते हैं। कुछ प्राइवेट बैंक आपको जीरो बैलेंस खाता भी प्रोवाइड कर रहे हैं।
बहुत से लोग आसानी के लिए भी प्राइवेट बैंक में खाता खुलवाते हैं, क्यूंकि प्राइवेट बैंकों में बहुत से काम के लिए आपको दौड़ भाग करने की ज़रूरत नहीं होती है।
एक तरह से प्राइवेट बैंक सरल, और आसान बैंक है, जिसमें खाता खोलने पर आपकी मेहनत और समय दोनों बचता है। और इनकी ग्राहक सहायता सेवाएं बहुत अच्छी हैं।
तो आज हम बात करेंगे भारत के पांच सबसे बड़े और नामी प्राइवेट बैंकों के बारे में। इन बैंकों में बहुत से लोग अपना खाता खुलवाने की चाह रखते हैं।

फ़ेडरल बैंक
फ़ेडरल बैंक काफी पुराना और देश का जाना माना है, इस बैंक की स्थापना 1931 में हुई थी। इसका मुख्यालय कोच्ची, केरला में है। इस बैंक की देश भर में कुल 1,252 शाखाएं हैं और 1,687 एटीएम हैं । इस बैंक की आय 1.4 बिलियन यूएस डॉलर की है। और इस बैंक की कुल संपत्ति 16 बिलियन यूएस डॉलर की है। देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में इस बैंक का स्थान पांचवें नंबर पर है।

कोटक महिंद्रा बैंक
कोटक महिंद्रा बैंक ने बैंकिंग की दुनिया में 2003 ही क़दम रखा है, इस बैंक की स्थापना 2003 में हुई थी। और आज यह बैंक भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में चौथे स्थान पर है। इस बैंक का मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में है। इस बैंक की देश भर में 1,369 शाखाएं हैं और 2,163 एटीएम हैं । इस बैंक की आय 2.9 बिलियन यूएस डॉलर की है। और इस बैंक की कुल संपत्ति 30 बिलियन यूएस डॉलर है।


एक्सिस बैंक
एक्सिस बैंक देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में तीसरे नंबर पर है। हम यह भी कह सकते हैं कि एक्सिस बैंक देश का तीसरा सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है। इस बैंक की स्थापना 1993 में हुई थी और इसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में है। इस बैंक की देश भर में कुल 3,703 शाखाएं हैं और 13,814 एटीएम हैं। इस बैंक की आय 5.8 बिलियन यूएस डॉलर की है और इस बैंक की कुल संपत्ति 96 बिलियन यूएस डॉलर है।

एचडीएफसी बैंक
इस बैंक को किसी परिचय की ज़रूरत नहीं हैं, देश का सबसे प्रसिद्ध प्राइवेट बैंक है, जिसमें हर व्यक्ति अपना खाता खोलना चाहता है। एचडीएफसी बैंक की स्थापना 1994 में हुई थी, और इस बैंक का मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में है। इस बैंक की देश भर में 4,715 शाखाएं हैं और 12260 एटीएम हैं। इस बैंक की आय 11 बिलियन यूएस डॉलर है। और इस बैंक की कुल संपत्ति 120 बिलियन यूएस डॉलर है। यह बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है।

आईसीआईसीआई बैंक
आईसीआईसीआई बैंक सबसे ज़्यादा संपत्ति और शाखएँ रखने की वजह से देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है। इस बैंक का स्थान देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में नंबर एक पर आता है। इस बैंक की स्थापना 1994 में हुई थी, और इसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में है। आईसीआईसीआई बैंक की देश भर में 4,867 शाखाएं हैं और 13,995 एटीएम हैं। इसकी आय 10 बिलियन यूएस डॉलर है, और इसकी कुल संपत्ति 160 बिलियन यूएस डॉलर है।
यह थे देश के पांच सबसे बड़े प्राइवेट बैंक। आपका खाता इन पाँचों बैंकों में से किस बैंक में हमें ज़रूर बताएं और अगर नहीं है तो आप इन पाँचों बैंको में से कौन से बैंक में अपना खाता खुलवाना चाहेंगे? कमेंट में बताएं।

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