क्या आपको भी चाहिए डेबिट कार्ड? अगर आप वेतनभोगी नहीं हैं तो किऐसे मिलेगा डेबिट कार्ड?


आज के समय में जहाँ भुगतान को पहले से कहीं ज़्यादा आसान बना दिया गया है, और बजाय जेब में ढेर सारे नोट रखने के अब केवल एक प्लास्टिक के कार्ड से काम चल जाता है। इस प्लास्टिक के कार्ड को डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के नाम से जाना जाता है। क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड को हम प्लास्टिक मनी भी कह सकते हैं, क्यूंकि यह भी नकदी की तरह यानी पैसों के नोटों की तरह ही काम करते हैं।
नकदी का इस्तेमाल जिस प्रकार से हम खरीदारी, व अन्य लेनदेन के लिए करते हैं जिससे हमारे रोज़ मर्रा के काम चलते हैं, कुछ उसी तरह हम इन कार्ड का भी इस्तेमाल अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए करते हैं।
यहां हम डेबिट कार्ड की बात न करते हुए क्रेडिट कार्ड के बारे में चर्चा करेंगे। क्यूंकि डेबिट कार्ड आपको किसी भी बैंक में खाता खोलने पर मिल ही जाता है। लेकिन क्रेडिट कार्ड पाना आसान नहीं होता है। क्रेडिट कार्ड कंपनी आपको क्रेडिट कार्ड जारी करने से पहले आपके खाते का विवरण देखती है कि आप क्रेडिट कार्ड लेने योग्य हैं या नहीं।
क्यूंकि क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड की तरह नहीं है कि जिसको इस्तेमाल करने के लिए आपके खाते में पैसे होने चाहिए और डेबिट कार्ड के इस्तेमाल करने पर वही पैसे आपके खाते से काटेंगे जितना आप डेबिट कार्ड को इस्तेमाल करोगे।
क्रेडिट कार्ड के उपयोग से न तो आपके खाते से पैसे जाते हैं और न ही वह आपके खाते से लिंक होता है। क्रेडिट कार्ड आपको डेबिट कार्ड की तरह किसी खाते पर नहीं दिया जाता है, जैसे डेबिट कार्ड खाता खोलने पर मिलता है।
क्रेडिट कार्ड लेने के लिए आप योग्य होने चाहिए। क्यूंकि क्रेडिट कार्ड एक प्रकार से अग्रिम राशि है। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके जब आप पैसे खर्च करेंगे तो वह आपके बैंक खाते से नहीं जाएंगे। बल्कि वह पैसे क्रेडिट कार्ड कंपनी या बैंक के जायेंगे और क्रेडिट कार्ड कंपनी आप से वह पैसे बाद में लेती है। तो यह एक प्रकार से उधार हुआ कि आप पहले क्रेडिट कार्ड से पैसे खर्च कर लें और कंपनी या बैंक को एक महीने बाद लौटाओ।
इसलिए क्रेडिट कार्ड सबको नहीं दिया जाता है, क्यूंकि बैंक को भी भरोसा चाहिए होता है कि जब आप उससे उधार ले रहे हो तो उसको लौटा दोगे। इसलिए बैंक क्रेडिट कार्ड देने से पहले जांच करता है कि अगर आप क्रेडिट कार्ड से पैसे खर्च करते हो तो उसको बैंक को वापिस चूका पाओगे या नहीं?
इसके लिए बैंक देखता है कि आपके खाते में कितने पैसे आते हैं और आप कितने की लेनदेन करते हैं। आपका बैकग्राउंड कैसा है, आप वित्तीय तौर पर मजबूत हो या नहीं, आपके पास कौनसा व्यापर है, आप वेतनभोगी हैं या नहीं, हैं तो आपकी वेतन महीने की कितनी है, आप कौनसा कारोबार करते हैं। यह सारी चीज़ें वह लोग इसलिए देखते हैं कि ताकि वह निश्चित हो जाएँ कि आप जो उनसे क्रेडिट कार्ड के रूप में उधार ले रहे हो उसको चुका लेंगे।
क्रेडिट कार्ड अक्सर वेतनभोगियों, या व्यापारियों और कारोबारियों को ही दिया जाता है।
क्यूंकि क्रेडिट कार्ड देने वाला बैंक इस बात को लेकर निश्चित रहता है कि अगर हम इनको उधर देते हैं तो यह उधार को आसानी से चूका सकते हैं।
और हमने पहले ही आपको बता दिया है कि क्रेडिट कार्ड से पैसे खर्च करने के लिए आपको अपने खाते में पैसे नहीं जमा करने पड़ते जिस प्रकार डेबिट कार्ड के लिए करते हैं। बल्कि इसमें आप पहले पैसे खर्च करिये और बाद में बैंक को चुकाइये। इसलिए अगर आपके पास न तो नौकरी हो न कारोबार हो तो बैंक को यकीन कैसे होगा कि अगर आप क्रेडिट कार्ड लेकर उससे पैसे खर्च करते हैं तो उसको चुका पाएंगे?
इसलिए बैंक ऐसे लोगों को क्रेडिट कार्ड नहीं देता है जिनके पास न तो नौकरी हो और ना ही कारोबार।
तो अब अगर आप भी उनमें से हैं, जिनके पास न तो नौकरी है न तो कारोबार यानी आप न तो वेतनभोगी हैं और न ही व्यापारी, तो आप सोचेंगे की मुझे कैसे क्रेडिट कार्ड मिलेगा? या मुझे मिलेगा भी या नहीं?

तो हम आपको यही बताएँगे कि अगर आपके पास न तो नौकरी है और न ही खुद का कोई कारोबार तो भी आप कैसे क्रेडिट कार्ड पा सकते हैं।
क्रेडिट कार्ड के लिए बैंक आपसे केवल गारंटी मांगता है। और यह गुरंटी इसलिए मांगता है कि उदाहरण के तौर पर अगर आपको बैंक क्रेडिट कार्ड दे दे और आपने उससे 1 लाख की खरीदारी कर ली या आपने किसी भी तरह उस क्रेडिट कार्ड से 1 लाख खर्च कर दिए, तो आपके बैंक खाते से तो वह 1 लाख जायेंगे नहीं बल्कि जिस बैंक का क्रेडिट कार्ड है वह पैसे उस बैंक से जायेंगे तो अगर आपके पास न तो कोई नौकरी है और न ही कोई कारोबार तो वह 1 लाख रुपए बैंक आपसे लेगा कैसे? इसीलिए बैंक को आप गुरंटी दीजिये की अगर आप क्रेडिट कार्ड से पैसे खर्च करेंगे तो उसको चुका भी पाएंगे। इसलिए बैंक आपसे गारंटी मांगता है।
अगर आप बैंक को गुरंटी दे देते हो तो आपको आसानी से क्रेडिट कार्ड मिल जायेगा चाहे आपके पास नौकरी हो या न हो चाहे आपके पास कोई खुद का कारोबार हो या न हो।
अब आप सोचेंगे कि बैंक को गारंटी क्या दें?
तो आप बैंक को ज़मीन के खागज़ात दे सकते हैं। या फिर आप बैंक में 'फिक्स्ड डिपाजिट' करवा सकते हैं और इसको गारंटी बना कर इससे क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं। फिक्स्ड डिपाजिट पर बहुत से बैंक आपको क्रेडिट कार्ड जारी कर देंगे। कुछ बैंक 'टर्म डिपाजिट' के आधार पर क्रेडिट कार्ड जारी करते हैं।
जितनी ज़्यादा राशि आप 'फिक्स्ड डिपाजिट' में जमा करेंगे उतनी ज़्यादा आपको क्रेडिट कार्ड से पैसे खर्च करने की सीमा मिलेगी। वैसे तो फिक्स्ड डिपाजिट की राशि का 80% या 85% प्रतिशत आपको क्रेडिट कार्ड में खर्च करने की लिमिट मिलती है। जैसे अगर आप ने 30 हज़ार के फिक्स्ड डिपाजिट पर क्रेडिट कार्ड लिया है तो उस क्रेडिट कार्ड की लिमिट 20 हज़ार की होगी, मतलब आप उस क्रेडिट कार्ड से प्रतिमास 20 हज़ार रुपए खर्च कर सकते हैं।
तो इस तरह से आप बिना नौकरी और कारोबार के क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं। आपको यह जानकारी कैसी लगी कमेंट करके ज़रूर बताएं।

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