जब भी आपके लिवर में कोई खराबी आती है तो इसके लक्षण आपको पहले ही मालूम होने लगेंगे। इन खराबियों में लिवर संक्रमण, प्रतिरक्षा प्रणाली असामान्यता, लिवर के अन्य रोग व विकार शामिल हैं।
बहरहाल हम इन खराबियों की बात न करते हुए इनके लक्षणों के बारे में बताएँगे ताकि आप इनको जान कर पहले से सतर्क हो सकें।
भूख न लगना: भूख का न लगना केवल लिवर के खराबी से ही नहीं जुड़ा है बल्कि इसका कोई और भी कारण हो सकता है। लेकिन अगर आपको लम्बे समय से यह शिकायत है या यह आपके साथ अचानक से हो रहा है तो आपको अपने लिवर फंक्शन की जांच करा लेनी चाहिए। ऐसा लिवर की सूजन के कारण भी हो सकता है। इसलिए आपको अपने डॉ से मिलना चाहिए।
मतली आना और उल्टी जैसा महसूस होना: मतली आना भी लिवर के ख़राब होने का लक्षण है, ऐसा आपको कई परिस्थितियों में महसूस होता है जैसे सिरोसिस, हेपेटाइटिस और पीलिया में भी। अगर आपको उल्टी या मतली आना बंद नहीं हो रहा है तो इसको बिलकुल भी नज़रअंदाज़ न करें और अपने डॉ से मिलें।
त्वचा और आंखों का पीले रंग का दिखाई देना: अगर आपके हाथों की हथेलियां और आपकी आँखों में दिखने वाला सफ़ेद रंग अचानक से पीले रंग का दिखाई देने लगा हो तो यह पीलिया के लक्षण हैं जो लिवर के खराबी के कारण होता है। दरअसल हमारे लाल रक्त कोशिकाओं में बिलीरुबिन नामक एक पीला पदार्थ पाया जाता है जिसको हमारा लिवर रक्त प्रवाह द्वारा फ़िल्टर कर देता है लेकिन जब लिवर किसी कारण इनको फ़िल्टर नहीं कर पाता तो यह रक्तधारा द्वारा हमारे शरीर के अन्य अंगों तक पहुंच जाता है, जिससे हमारी त्वचा पीले रंग की दिखाई देने लगती है।
पेट दर्द और पेट की सूजन: पेट दर्द आपको दूसरे कारणों से भी हो सकता है जैसे फ़ूड पोइज़निंग, स्टमक फ्लू, बदहज़मी इत्यादि लेकिन अगर आपको पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में दर्द हो रहा है या फिर पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में सूजन है तो समझ लीजिये की यह लिवर की समस्या है। अगर ऐसा होता है तो आप तुरंत डॉ को दिखाएँ।
पैरों और एड़ियों में सूजन: पैरों और एड़ियों की सूजन भी संकेत देती है कि आपका लिवर सही नहीं है। लेकिन ऐसा ज़रूरी नहीं है कि पैरों और एड़ियों की सूजन लिवर के ख़राब होने का ही संकेत हों बल्कि ऐसा दूसरी स्थितियों में भी होता है जैसे चोट लग जाने के कारण या संक्रमण के कारण। मधुमेह न्यूरोपैथी वाले रोगियों या पैरों की अन्य तंत्रिका समस्याओं वाले लोगों को पैर के संक्रमण होने का अधिक खतरा होता है। खून का थक्का जमने की वजह से भी ऐसी सूजन हो सकती है। एड़ी में मोच के कारण भी ऐसी सूजन होती है। लेकिन इस तरह की सूजन सिरोसिस के कारण भी होती है सिरोसिस एक जीर्ण लिवर रोग है जिसकी वजह लिवर फंक्शन ठीक से काम नहीं कर पाता है और लिवर में घाव के चिह्न पड़ने लगते हैं।
त्वचा में खुजली: खुजली आपको एक्जिमा, पित्ती, सोरायसिस और एलर्जी की प्रतिक्रिया के कारण भी हो सकती है लेकिन त्वचा में खुजली सिरोसिस के कारण भी हो सकती है। अगर आपको ऐसी खुजली है और साथ ही आपको दस्त, की समस्या हो भूख लगना कम हो गई हो और वजन घट रहा हो, पेट की सूजन हो, त्वचा के नीचे दिखाई देने वाले छोटे, मकड़ी के आकार के रक्त वाहिकाएँ नज़र आती हों त्वचा और आँखे पीली पड़ गई हों तो यह सिरोसिस के ही लक्षण हैं।
गहरे रंग का का पेशाब: आमतौर पर पेशाब का रंग बहुत हलके पीले रंग का होता है जो सामान्य होता है। लेकिन जब वह बहुत ज़्यादा भूरे रंग दिखाई दे रहा हो तो समझ ली जिए कि यह लिवरकी समस्या का संकेत है। हालांकि की ऐसा तब भी होता है जब आप निर्जलित हों लेकिन यह तो थोड़े समय के लिए ही होता है, जैसे ही आप खूब सारा पानी पीते हैं तो फिर से पेशाब का रंग सामान्य हो जाता है। लेकिन अगर यह तब भी बहुत ज़्यादा भूरे रंग का दिखाई दे तो अपने डॉ से संपर्क करना ही उचित होगा। कुछ एंटीबायोटिक दवाओं के कारण भी पेशाब का रंग बदल जाता है। लेकिन अगर बिना कारण आपका पेशाब गहरे रंग का हो रहा हो तो यह लिवर रोग के कारण हो सकता है जैसे हेपेटाइटिस, या सिरोसिस।
मल के रंग में बदलाव: आमतौर पर मल का रंग गहरा पीला या हल्का भूरा होता है, लेकिन अगर आपके मल के रंग में बदलाव आ गया हो जैसे फीका या सफ़ेद दिखाई दे रहा हो या खूनी रंग का दिखाई दे रहा हो या फिर टार-कलर्ड का जिसे हम काला कह सकते हैं अगर ऐसा दिखाई दे रहा हो तो यह लक्षण लिवर के ख़राब होने का संकेत है। और यह अवस्था बहुत गंभीर होती है इसको को बिलकुल भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। मल के फीके या सफ़ेद रंग के होने का कारण शराब से संबंधित लिवर रोग भी हो सकता है, पित्त नलिकाओं के अवरुद्ध (ब्लॉक) हो जाने के कारण भी होता है। ऐसा पित्त पथरी के कारण भी होता है। मल के फीके या सफ़ेद रंग के होने का कारण हेपेटाइटिस और सिरोसिस और लिवर का कैंसर भी है।
मल के बहुत अधिक गहरे भूरे रंग या खूनी और काले रंग के होने का कारण लिवर समस्याओं के अलावा पेट का अलसर, पेप्टिक अलसर, कोलोरेक्टल (कोलन) कैंसर,कोलाइटिस, जठरशोथ, कोलोरेक्टल पॉलीप्स, इत्याद इसके अलावा और भी दूसरे कारण हो सकते हैं। शराब से संबंधित लिवर रोग के कारण भी मल का रंग गहरा भूरा, खूनी या काले रंग का हो सकता है।
अत्यंत थकावट: थकान तो हर किसी को होती है ज़्यादातर जब हम बहुत ज़्यादा काम करते हैं तो इस दौरान हमें थकावट महसूस होती है और यह बिलकुल सामान्य है। कभी- कभी सर्दी-बुखार और तनाव, चिंता, अवसाद के कारण भी हमें थकावट महसूस होती है। कभी-कभी निर्जलीकरण, एनीमिया, लो ब्लड शुगर के कारण भी सुस्ती और थकावट महसूस होती है। इसके और भी अन्य कारण हो सकते हैं लेकिन अत्यंत थकावट जो जा नहीं रही हो वह शराब से संबंधित लिवर रोग, हेपेटाइटिस, सिरोसिस और लिवर कैंसर के कारण भी हो सकती है।
यह थे वे लक्षण जो लिवर के खराब होने का संकेत देते हैं। अगर यह लक्षण किसी व्यक्ति में पाए जाएँ तो उसे बिना देर किये डॉ को दिखा लेना चाहिए। अगर आपको स्वास्थ्य सम्बंधित कोई जानकारी लेनी हो तो आप कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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