गन्दी वीडियो देखने वालों के लिए बुरी खबर, अब भारत में भी पॉर्न वेबसाइट होंगी बंद


पिछले एक दो दिनों से एक खबर सोशल मीडिया में खूब चर्चे में चल रही है। और यह खबर है 'पॉर्न बैन' को लेकर ट्विटर पर तो पॉर्न बैन का हैशटैग भी चलने लगा है, लोग इस पर चुटकुले और मीम्स बना रहे हैं।
वहीं यह सुनने में भी आ रहा है कि जियो के नेटवर्क से लोग पॉर्न वेबसाइट को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। रेड्डिट पर एक जियो यूजर ने बताया कि वह कुछ पॉर्न वेबसाइट को खोलना चाहते थे, लेकिन उनमें से कोई भी जियो के नेटवर्क से नहीं खुल रही है। साथ उन्होंने दूसरे जियो के उपयोगकर्ताओं से भी पूछा की क्या ऐसी समस्या सभी को आ रही है या केवल उनको ही आ रही है। जिस पर बहुत से लोगों ने कमेंट करते हुए कहा कि पॉर्न वेबसाइट को एक्सेस करने के लिए वीपीएन का इस्तेमाल करना पड़ता है।
इससे पता चलता है कि यह समस्या केवल किसी एक व्यक्ति को नहीं आ रही है बल्कि सच में जियो ने अश्लील सामग्री वाली सभी वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया है।
बहुत से जियो यूजर के मन में यह सवाल आया होगा कि क्यों जियो ने पॉर्न वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया है।
दरअसल उत्तराखंड के उच्च न्यायलय ने आदेश जारी करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (Meity) को अश्लील सामग्री वाली वेबसाइट की एक सूची सौंपते हुए उनको ब्लॉक करने को कहा है। जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय इन सभी वेबसाइट की समीक्षा की। आपको बता दें की इस सूची में कुल 857 वेबसाइट थीं, समीक्षा के बाद इनमें से 30 वेबसाइट को इस सूची से बाहर कर दिया गया क्यूंकि उनमें कोई अश्लील सामग्री नहीं मिली।
इसके बाद लेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने दूरसंचार विभाग (डीओटी) को यह सूची दी और इनको ब्लॉक करने का आदेश दिया।
इसके बाद दूरसंचार विभाग ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी) को जारी किए गए आदेश में कहा, "... सभी इंटरनेट सेवा लाइसेंसधारियों को 827 वेबसाइटों को ब्लॉक करने के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाता है।
ऐसे में जो भी इंटरनेट सेवा प्रदाता इन 827 अश्लील सामग्री वाली वेबसाइट को ब्लॉक नहीं करता है, तो उनका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। यह इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय की ओर से सख्त चेतावनी भी दी गई है की तुरंत इन वेबसाइट को बंद किया जाए ।
उच्च न्यायलय ने यह आदेश यौन अपराध के मामलों को रोकने के लिए दिया है। उच्च न्यायलय का कहना है कि इस प्रकार की वेबसाइट बच्चों के दिमाग़ को यौन अपराध के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
इसलिए उत्तराखंड की उच्च न्यायलय ने यह आदेश दिया है कि सभी अश्लील सामग्री वाली वेबसाइट को बंद किया जाए। और इसके बाद से भारत सरकार ने सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को सख्त चेतावनी दी है कि वह इन अश्लील सामग्री वाली सभी वेबसाइट को बंद करें नहीं तो उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा। इसके बाद से भारत में एक बार फिर पॉर्न बैन का मामला चर्चा का विषय बन चुका है। सोशल मीडिया पर लोग ‘पॉर्न बैन’ से जुड़े कई मीम्स और जोक शेयर कर रहे हैं।

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