ज़्यादातर हम औरतों की बेवफाई के बारे में बात करते हैं और हमें ऐसा लगता है, कि केवल एक औरत ही मर्द को धोका देती है, और मर्द हमेशा औरत का साथ निभाता है।
जबकि ऐसा नहीं है वास्तव में अगर हम बेवफाई को लेकर मर्दों की तुलना औरतों से करें तो मर्द इस मामले में आगे हैं।
बेवफ मर्द हो या औरत उनकी कुछ पहचान होती है अगर वह किसी मर्द या औरत में मिले तो कभी भी उसको अपना जीवन साथी नहीं बनाना चाहिए।
एक बार एक व्यक्ति हज़रत अली के पास आया और हाथ जोड़कर कहने लगा "या अली मेरी बच्ची के लिए दो रिश्ते आएं हैं, अब मैं पता कैसे करूँ कि इन दो इन्सानों में बेहतर पति कौन साबित होगा"?
बस यह कहना था तो इमाम अली ने कहा "ऐ शख्स याद रखना तुम्हारी बेटी के लिए वह इंसान बेहतर है, जिसके अस्तित्व में यह तीन खराबियां न हों"।
उस व्यक्ति ने पूछा या अली कैसी खराबियां?
तो इमाम अली ने कहा "पहली खराबी कि वह अपने से कम स्तर के लोगों के लोगों को बेइज़्ज़त न करता हो, और उनको कमतर न समझता हो"। "अन्यथा आने वाले समय में वह तुम्हारी बेटी को भी कमतर समझेगा"।
दूसरी खराबी "वह अपनी ज़बान से अपनी तारीफ बार-बार न करता हो, क्यूंकि जो मनुष्य अपनी तारीफ बार-बार करता है यानी वह अपने आप को बेइंतिहा करता है"। "और खुद को वही ज़्यादा पसंद करता है, जो दूसरों को नापसंद करे"।
तीसरी खराबी "वह झूठ न बोलता हो, जो अपनी हक़ीक़त, अपने हालात, अपना काम झूठ के सहारे लेता हो तो यक़ीन मानों वह रिश्ता भी झूठ के आधार पर ही निभाएगा।
अगर आप अपने लिए एक जीवन साथी की तलाश कर रही हैं तो पहले आप उस व्यक्ति को परख लें और देखें कि कहीं उसमें तो इन तीन खराबियों में से कोई खराबी नहीं पाई जा रही।
अगर इन खराबियों में से कोई खराबी उसके अंदर पाई जा रही हो तो आपको बहुत सोच समझ कर फैसला करना होगा ताकि भविष्य में आपको कोई परेशानी न हो।

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