अगर किसी को सांप काट ले तो क्या करना चाहिए? जान बचानी है तो ज़रूर पढ़ें


सांप का नाम सुनते ही हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं, क्यूंकि सांप एक घातक और जानलेवा जीव है, जिसके काटने पर इंसान की मौत भी हो जाती है। इसलिए हर इंसान साँपों से डरता है और उससे दूर रहने की कोशिश करता है, ताकि उससे बच सके। लेकिन कभी-कभी ऐसा हो जाता है जब सांप इंसान के संपर्क में आ जाता है और सांप उसको काट लेता है। सांप किसी इंसान को तब ही काटता है जब उसको किसी प्रकार का खतरा महसूस होता है। अन्यथा सांप भी इंसानों से दूर ही रहना पसंद करता है। अमेरिकन सोसाइटी ऑफ उष्णकटिबंधीय चिकित्सा और स्वच्छता के अनुसार, हर साल भारत में लगभग 46,000 लोग सांप के काटने से मर जाते हैं, जो लगभग हर साल दुनिया भर में सांप के काटने के कारण होने वाली मौतों की संख्या का आधा है। अगर रिपोर्ट की मानें तो सांप के काटने से होने वाली मौतों में भारत शीर्ष पर है। इस का यह भी कारण हो सकता है कि लोग चिकित्सा उपचार को छोड़ कर इसका वैकल्पिक उपचार करने की कोशिश करते होंगे, तो कुछ लोग अन्धविश्वास और झाड़ फूँक में अपनी जान गँवा देते हैं।सांप का नाम सुनते ही हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं, क्यूंकि सांप एक घातक और जानलेवा जीव है, जिसके काटने पर इंसान की मौत भी हो जाती है। इसलिए हर इंसान साँपों से डरता है और उससे दूर रहने की कोशिश करता है, ताकि उससे बच सके।
लेकिन हम आपको बताएँगे कि अगर किसी को सांप काट ले तो उसकी जान कैसे बचाई जा सकती है।
  • अगर किसी को सांप काट ले तो उसको शांत कराना चाहिए और उसको घबराना नहीं चाहिए। क्यूंकि ऐसा रिपोर्ट बताती हैं कि ज़्यादातर मौतें तो पीड़ित के अत्यधिक घबरा जाने के कारण होती है, जिसके चलते पीड़ित को हार्ट अटैक आ जाता है और उसकी मौत हो जाती है।
  • इसलिए अगर किसी को सांप काटता है तो उसे घबराने नहीं देना चाहिए, और शांत कराना चाहिए क्यूंकि अगर पीड़ित घबराता है तो उससे दिल की धड़कन बढ़ जाती है जिससे ज़हर के तेज़ी से फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। साथ ही अगर पीड़ित बहुत घबराया हुआ हो तो अगर सांप विषैला भी नहीं हो तो पीड़ित को घबराहट की वजह से हार्ट अटैक आ सकता है और उसकी मौत हो सकती है।
आपको यह जान कर ख़ुशी होगी की भारत में पाए जाने वाले साँपों में केवल 5 प्रतिशत ही ज़हरीले होते हैं जिनके काटने से इंसान की मौत हो सकती है।
लेकिन बहुत से लोगों की जान ग़ैर विषैले सांप के काटने से भी चली जाती है, क्यूंकि सांप के काटने से वह काफी डर जाते हैं और इस कारण उनको हार्ट अटैक आ जाता है और उनकी मौत हो जाती है। इसलिए कभी भी सांप के काटने पर घबराना नहीं चाहिए।
  • पीड़ित को चलने फिरने से रोकना चाहिए जहाँ तक संभव हो सके पीड़ित को लिटा कर बैठा कर अस्पताल पहुँचाना चाहिए, अगर पीड़ित चलता है तो उससे रक्‍तसंचार तेज़ होगा जिससे ज़हर तेज़ी से शरीर में फैलेगा।
  • सांप की पहचान करने की कोशिश करनी चाहिए भारत में आमतौर पर ज़हरीले साँपों में नाग, करैत और रसेल वाईपर जिसे हिंदी में पररण, चिट्टी जैसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है।

  • जिस जगह पर सांप ने काटा है उस जगह के घाव को एक ढीली पट्टी से बांध देना चाहिए।
  • सांप की काटी हुई जगह पर अगर किसी प्रकार का आभूषण है तो उसे हटा देना चाहिए।
  • अगर सांप ने पैर में काटा है तो जूते उतार देना चाहिए।
  • पीड़ित को जितना संभव हो सके जल्दी से जल्दी अस्पताल ले कर जाना चाहिए।
  • अस्पताल में, उपचार सांप के प्रकार पर निर्भर करेगा।
  • यदि सांप विषैला था, तो व्यक्ति को जहर विरोधी उपचार दिया जाएगा।
  • अंतिम इंजेक्शन की तारीख के आधार पर एक टेटनस शॉट दिया जा सकता है।


क्या नहीं करना चाहिए
  • कभी भी ज़हर चूसने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
  • सांप के काटे हुए पर कोई कट नहीं लगाना चाहिए इससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
  • सांप के काटे हुए पर कभी भी टूनिकेट, बर्फ या पानी नहीं लगाना चाहिए।
  • व्यक्ति को अल्कोहल या कैफीनयुक्त पेय या किसी भी प्रकार की अन्य दवा नहीं देना चाहिए।
  • कभी भी झाड़ फूँक के पीछे नहीं पड़ना चाहिए।
  • डॉक्टरी इलाज में कभी भी देर नहीं करनी चाहिए।

सांप काटने पर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप जितनी जल्दी हो सके आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। चिकित्सक पीड़ित के उपचार का निर्णय लेने से पहले विशिष्ट पाठ्यक्रम पर पीड़ित का मूल्यांकन करेगा। कुछ मामलों में, एक विषैले सांप के काटने से जान के जाने का खतरा नहीं होता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि सांप ने किस स्थान पर काटा है और पीड़ित की आयु क्या है। यदि सांप का काटना गंभीर नहीं है, तो डॉक्टर घाव को साफ कर सकता है और पीड़ित को टेटनस का टीका दे सकता है।सांप का नाम सुनते ही हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं, क्यूंकि सांप एक घातक और जानलेवा जीव है, जिसके काटने पर इंसान की मौत भी हो जाती है। इसलिए हर इंसान साँपों से डरता है और उससे दूर रहने की कोशिश करता है, ताकि उससे बच सके।

यदि स्थिति ऐसी है कि जान जाने का खतरा है, तो डॉक्टर एंटीवेनम का प्रबंधन कर सकता है। एंटीवेनम सांप के ज़हर का तोड़ होता है, जो सांप के ज़हर से मुक़ाबिला करता है। एंटीवेनम पीड़ित को इंजेक्शन द्वारा दिया जाता है। जितनी जल्दी एंटीवेनम का उपयोग किया जाता है, उतना ही प्रभावी होता है।

सांप ज़हरीला है या नहीं इसका पता लगाने का अच्छा तरीका यह होता है कि पीड़ित को नीम के पत्ते खिलाये जाएँ अगर उसको कड़वा नहीं लगता है, तो इसका मतलब है कि उसको किसी ज़हरीले सांप ने काटा है। लेकिन ऐसा ज़रूरी नहीं है कि यह तरीका हर ज़हरीले सांप पर काम करे। इसलिए बेहतर होगा की आप तुरंत अस्पताल पहुचें।

आगे हम आपको बताएँगे कि ज़हरीले सांप के काटने से पीड़ित में क्या क्या लक्षण देखने को मिलते हैं। इस जानकारी को पाने के लिए हमें फॉलो कर लें।

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