क्या है निपाह वायरस? - जानिए इसके लक्षण और इलाज के साथ अन्य महत्वपूर्ण बातें

दक्षिण भारतीय राज्य केरल में  निपाह वायरस से संक्रमित 10 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है। इस उभरती बीमारी के बारे में माना जाता है कि यह फल खाने वाले चमगादड़ों और दूसरे जानवरों द्वारा फैलती है। यहां हम आपको बताएंगे कि आपको इस प्रकोप के बारे में क्या जानना चाहिए

निपाह वायरस क्या है?

निपाह वायरस बहुत तेजी से फैलने वाला जानलेवा वायरस है। इसकी पहचान पहली बार 1999 में हुई, जब मलेशिया और सिंगापुर में सूअर पालने वाले किसान गंभीर रुप से बीमार हो गए। इस प्रकोप के दौरान करीब 300 लोग संक्रमित पाए गए और 100 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हो गई। प्रकोप को रोकने के लिए प्राधिकारियों को दस लाख से अधिक सूअरों को इच्छामृत्यु देना पड़ा। इसके बाद बांग्लादेश और भारत के प्रकोपों में इस वायरस की पहचान की गई। यूएस सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का कहना है कि निपाह वायरस का प्रकोप अब लगभग हर साल बांग्लादेश में होता है। और वर्तमान में भारत में कई प्रकोप हुए हैंं। निपाह वायरस से मृत्यु दर लगभग 75 प्रतिशत होने का अनुमान है। यह वायरस उन इंसानों में फैलता हैै, जो संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आते हैं 'जैसे फ्रूट बैट्स और सूअर' यह लोगों के बीच एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक संपर्क में आने से फैल सकता है। यह अक्सर संक्रमित लोगों के परिवार और देखभाल करने वालों के बीच भी फैल जाता है।

वर्तमान प्रकोप में क्या हो रहा है?

भारत के एक दक्षिणी राज्य केरल में प्रकोप हो रहा है। अब तक 10 मौतों की सूचना मिली है। और वर्तमान में कम से कम 9 ऐसे लोग हैं, जिनकी वायरस संक्रमण की जांच सकारात्मक पाई गई है। बीमार व्यक्तियों के संपर्क में आने वाले कई लोग भी निगरानी में है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि चल रहा प्रकोप शुरुआत में चमगादड़ों से फैला था।

निपाह वायरस के लक्षण क्या हैं?

जब कोई व्यक्ति निपाह वायरस से संक्रमित होता है, तो उसे इंसेफेलाइटिस या मस्तिष्क की सूजन का अनुभव होता है। संक्रमण के लक्षणों को प्रकट होने में आमतौर पर 5 से 14 दिन लगते हैं। इन लक्षणों में बुखार और सिरदर्द शामिल हैं जो तंद्रा (उंघाई) और उलझन (भ्रांति) के बाद होते हैं। और यह लक्षण कोमा तक भी पहुंचा सकते हैं। सीडीसी का कहना है कि जीवित बचे लोगों के बीच दीर्घकालिक दुष्प्रभावों में ऐंठन और व्यक्तित्व में परिवर्तन शामिल हो सकते हैं।

निपाह वायरस का इलाज कैसे किया जाता है?

निपाह वायरस के लिए कोई इलाज नहीं है। बल्कि संक्रमित लोगों को सहायक देखभाल और विशेषज्ञों की निगरानी में रखा जाता है, जिसमें व्यक्ति को हाइड्रेटेड रखा जाता है। और हर मतली या उल्टी का इलाज किया जा है। सीडीसी का कहना है कि लोग निपाह से बचने के लिए ठोस कदम उठा सकते हैं " बीमार सूअरों और अस्थानिक क्षेत्रों में चमगादड़ों के संपर्क से बचकर,और कच्चे खजूर के ताड़ के रस को न पी करके", जो संक्रमित चमगादड़ के मलत्याग से दूषित हो सकता है।

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