कहा जाता है कि औरत घर की देवी होती है, अगर औरत अच्छी है तो वह घर को स्वर्ग बना सकती है। और अगर औरत बुरी होती है तो वह उसी स्वर्ग को नर्क बना सकती है। अच्छा या बुरा होना इंसान के स्वभाव में होता है फिर चाहे वह औरत हो या मर्द हो दोनों ही अच्छे या बुरे हो सकते हैं। अगर औरत बुरी हो सकती है तो इसका मतलब यह नहीं होता है कि मर्द सारे ही अच्छे हों बल्कि मर्दों में भी आपको बहुत से बुरे मर्द मिल जाएंगे। इसलिए अगर हम बुरी औरत की बात करते हैं तो इसका मतलब यह नहीं होता है कि सभी औरतें बुरी होती हैं या सारे मर्द अच्छे होते हैं।
अच्छाई या बुराई का पाया जाना इंसान की प्रकृति में है अगर ऐसा न होता तो इंसानों को अच्छे का पाठ पढ़ाने की ज़रूरत न होती।
यह इंसान की अपनी मर्ज़ी होती है कि वह अच्छाई का चयन करता है या बुराई का। अगर कोई इंसान अच्छाई को चुनता है तो वह इंसान अच्छा होता है और हमें उससे प्रेरित होना चाहिए लेकिन अगर कोई इंसान बुराई का चयन करता है, तो हमें उस इंसान की बुराइयों से बचना चाहिए फिर चाहे वह मर्द हो या औरत।
ऐसा नहीं है की लिंग के आधार पर कोई अच्छा या बुरा होता है,क्यूंकि कुछ लोग मानते हैं कि औरतों में कुछ ऐसी बुराइयां हैं जो उनमें हो ही नहीं सकती वह केवल मर्दों में होती है। जबकि ऐसा बिलकुल नहीं है दोनों ही इंसान होने की हैसियत से हर चीज़ में एक समान हैं।
अगर मर्द बेवफा, दोखेबाज़ और ख़राब हो सकता है, तो एक औरत भी बेवफा, दोखेबाज़ और चरित्रहीन हो सकती है। और ऐसी औरतों की कुछ पहचान भी होती है जो हम आपको बताएँगे।
एक बार इमाम अली के पास एक व्यक्ति आया और हाथ जोड़कर पूछने लगा कि "या अली मैं किसी को पसंद करता हूँ और उससे निकाह करना चाहता हूँ"।
"लेकिन या अली एक सवाल मेरे दिल में है कि क्या यह मेरे लिए वफादार، निष्ठावान पत्नी साबित होगी, या नहीं "?
बस यह कहना था तो इमाम अली ने कहा "ऐ शख्स याद रखना जो औरत अपने मां बाप का अपमान करती हो,अपने शिक्षक से बदतमीज़ी करती हो, अपने घर की शिकायतें करती हो, तो समझ जाना कि यह आने वाले समय में एक अच्छी पत्नी साबित नहीं होगी"।
औरत को औरत इसलिए कहा जाता है, क्यूंकि उसके वजूद में छुपना है, छुपाना है, जो औरत अपने घर की बुराई किसी ग़ैर के सामने बयान करे तो समझ जाना कि आने वाले समय में वह तुम्हारे दोष भी किसी के सामने बयान करेगी।
उस व्यक्ति ने कहा "या अली कोई ऐसा काम या कोई ऐसी दुआ जिससे इंसान और स्पष्ट हो जाए"?
तो इमाम अली ने कहा "ऐ सख्स इस धरती पर सबसे ख़राब काम झूठ है, जो सभी पंपों की जड़ है"।
"याद रखना जिस औरत के स्वभाव में झूठ हो, फरेब हो, धोखा हो, वह कभी भी किसी के साथ वफादारी नहीं कर सकती है'।

1 Comments
आपने अपने इस आर्टिकल में जेंडर के बारे में बहुत अच्छी जानकारी दिया है और बड़े ही प्यार से लिखा भी है. आपको देखकर मैं ब्लॉगिंग शुरू किया है. आपके लेख से प्रभावित होकर मैंने मेल फीमेल से संबंधित एक लेख लिखा है. कृपया मेरे वेबसाइट विजिट करें. कोई कमी हो तो कमेंट करके जरूर बताइएगा.
ReplyDeleteधन्यवाद.